By: Mala Mandal
देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई 31 अगस्त 2026 को की गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर जिले के पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध साइबर अपराधी सक्रिय हैं। ये लोग फर्जी तरीके से Flipkart और Amazon के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank पदाधिकारी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर साइबर ठगी करने की तैयारी में थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मामले का सत्यापन किया और पथरड्डा ओपी क्षेत्र में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान छह संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 8 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद हुए।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में आरोपियों की कथित अपराध शैली का भी खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी Google Pay, PhonePe और Paytm के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। इसके बाद कैशबैक या अन्य लाभ दिलाने का झांसा देकर उपभोक्ताओं को ठगी के जाल में फंसाने का प्रयास किया जाता था। इसके अलावा आरोपी APK फाइल भेजकर भी साइबर ठगी करने का प्रयास करते थे। पुलिस के अनुसार, PM Kisan Yojana, बिजली बिल, Jio Bill और RTO Challan जैसे नामों का इस्तेमाल कर लोगों को APK फाइल भेजी जाती थी। संदिग्ध फाइल डाउनलोड कराने के बाद मोबाइल और व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जाता था।

Airtel Payment Bank के नाम पर भी ठगी का प्रयास
गिरफ्तार आरोपियों द्वारा फर्जी Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी लोगों को निशाना बनाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी Airtel Thanks App के माध्यम से बैंक कार्ड बंद कराने या अन्य समस्या का समाधान करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद कथित तौर पर OTP और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता था। पुलिस ने लोगों को ऐसे फोन कॉल से सतर्क रहने की अपील की है।

विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े नंबर
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से जब्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच की गई। जांच के दौरान कुछ मोबाइल नंबर और IMEI नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज पाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच के साथ-साथ आरोपियों के संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी सुराग मिल सकते हैं।

एक आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस की प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के पूर्व के मामलों से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस संबंधित मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों की साइबर अपराध की अन्य घटनाओं में भी कोई भूमिका रही है या नहीं।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील
देवघर पुलिस ने आम लोगों से साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN, CVV, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

इसके साथ ही किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी गई है। कस्टमर केयर, बैंक अधिकारी, बिजली विभाग, सरकारी योजना या RTO चालान के नाम पर आने वाले फोन की वास्तविकता की पुष्टि किए बिना कोई आर्थिक लेनदेन या जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
देवघर पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मजबूती मिली है। पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

