By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए देवघर पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में देवघर साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने साइबर ठगी के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी लोगों को फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है।

मिली जानकारी के अनुसार, देवघर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान साइबर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ युवक विभिन्न कंपनियों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के नाम पर लोगों को फोन कर ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद तीनों की संलिप्तता साइबर अपराध में पाई गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को Flipkart, Amazon, Google Pay, PhonePe, Paytm और Airtel Payment Bank का अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद वे कैशबैक, रिवार्ड प्वाइंट, बैंक अपडेट और ऑनलाइन ऑफर का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। आरोपी लोगों को लिंक भेजकर या ओटीपी साझा करने के लिए प्रेरित करते थे और फिर उनके बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी Airtel Payment Bank और Airtel Thanks App के नाम पर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। वे उपभोक्ताओं को कैशबैक और विशेष ऑफर मिलने की बात कहकर मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करवाते थे और बाद में बैंक खाते की जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके अलावा आरोपी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर भी लोगों को ठगने का प्रयास करते थे। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाते थे।

देवघर साइबर थाना की प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध नंबर, डिजिटल ट्रांजैक्शन और साइबर फ्रॉड से जुड़ी जानकारियां मिली हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुट गई है। संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना चुका है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि साइबर ठगी से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सके। साइबर थाना पुलिस अब बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

इस कार्रवाई को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, बैंक डिटेल, यूपीआई पिन या स्क्रीन शेयरिंग ऐप का उपयोग नहीं करें। किसी भी कंपनी का असली कस्टमर केयर नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही प्राप्त करें। सोशल मीडिया या इंटरनेट पर उपलब्ध संदिग्ध नंबरों पर भरोसा करने से बचें।
पुलिस ने लोगों से यह भी कहा है कि यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी साइबर थाना या स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी इसकी सूचना दें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की गई रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

देवघर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार बढ़ते डिजिटल लेन-देन के दौर में साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ अपराधियों के लिए चेतावनी है बल्कि आम लोगों के लिए जागरूकता का संदेश भी है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। देवघर पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।

