By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से मेला क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेला के दौरान विद्युत सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए बिजली विभाग अपनी सभी तैयारियां समय रहते पूरी करे।

बाबा मंदिर और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश
उपायुक्त ने बाबा मंदिर परिसर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों को चिन्हित करते हुए वहां विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
समीक्षा बैठक में बिजली के खंभों की मजबूती जांचने, जर्जर तारों को बदलने और लटकते हुए तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मेला क्षेत्र में स्थापित सभी ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित घेराबंदी सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

मेला क्षेत्र में ब्लैक आउट नहीं होने देने का निर्देश
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उपायुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र के व्यस्ततम और अधिक भीड़ वाले इलाकों में किसी भी स्थिति में ब्लैक आउट की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए बिजली विभाग को अभी से संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वैकल्पिक बिजली व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।

उन्होंने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवश्यक स्थानों पर हाई मास्ट लाइट लगाने और बैकअप सिस्टम तैयार रखने को भी कहा गया ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।
श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे करने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले बिजली विभाग से जुड़े सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे मेला क्षेत्र का गहन निरीक्षण कर संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान की जाए और समय रहते उनका समाधान किया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

कई अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता विद्युत संचरण, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
प्रशासन द्वारा श्रावणी मेला 2026 को लेकर की जा रही व्यापक तैयारियों से यह साफ है कि इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध व्यवस्था पर विशेष फोकस किया जा रहा है। बिजली विभाग को दिए गए सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मेला क्षेत्र में इस बार विद्युत व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित होगी।

