By: Vikash, Mala Mandal
देवघर, 17 अप्रैल 2026: झारखंड सरकार ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला किया है। इसी क्रम में देवघर जिले के उपायुक्त (डीसी) नमन प्रियेश लकड़ा का तबादला कर दिया गया है, जबकि शशि प्रकाश सिंह को देवघर का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है। इस फैसले के बाद जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।

झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह तबादला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। सरकार ने सभी नवपदस्थापित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने नए पदस्थापन स्थल पर शीघ्र योगदान सुनिश्चित करें।
नमन प्रियेश लकड़ा का कार्यकाल रहा सक्रिय
देवघर के निवर्तमान उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण पहलों और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जाएगा। उनके कार्यकाल में जिले में विकास कार्यों को गति मिली, विशेषकर स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में कई योजनाएं तेजी से आगे बढ़ीं। उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया। श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में भी उनकी भूमिका अहम रही। इसके अलावा डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी उन्होंने कई पहल की थी।

शशि प्रकाश सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नए उपायुक्त के रूप में नियुक्त किए गए शशि प्रकाश सिंह (IAS 2017 बैच) इससे पहले अन्य जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और अपने कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। सरकार ने उन्हें देवघर जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी है, जहां प्रशासनिक दक्षता और जनसंपर्क दोनों की अहम भूमिका होती है। देवघर एक धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में नए डीसी के सामने कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी।

राज्य में व्यापक स्तर पर हुए तबादले
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कई अन्य आईएएस अधिकारियों का भी तबादला किया गया है। विभिन्न जिलों में उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों की नई तैनाती की गई है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
इस तबादला सूची में कई जिलों के उपायुक्तों को बदला गया है, जिसमें पूर्वी सिंहभूम, लातेहार, गढ़वा, गुमला, पाकुड़, गोड्डा समेत अन्य जिले शामिल हैं। यह कदम राज्य सरकार की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य विकास कार्यों में तेजी लाना और शासन को अधिक प्रभावी बनाना है।

जनता की उम्मीदें बढ़ीं
देवघर के लोगों को अब नए उपायुक्त से काफी उम्मीदें हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जिले में चल रही विकास योजनाओं को और गति मिलेगी तथा प्रशासनिक सेवाएं और बेहतर होंगी। व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने नए डीसी का स्वागत करते हुए उनसे जनहित के मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। खासकर ट्रैफिक व्यवस्था, पेयजल संकट, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं के विकास को लेकर लोगों की निगाहें नए उपायुक्त पर टिकी हैं।

प्रशासनिक बदलाव का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक फेरबदल से शासन व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है। नए अधिकारी अपने अनुभव और दृष्टिकोण के साथ कार्य करते हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना रहती है। देवघर जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले में यह बदलाव कई मायनों में अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए उपायुक्त जिले के विकास और प्रशासनिक सुधारों को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

झारखंड सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नमन प्रियेश लकड़ा के स्थानांतरण और शशि प्रकाश सिंह की नियुक्ति से देवघर जिले में नई प्रशासनिक दिशा मिलने की उम्मीद है। अब सभी की नजरें नए उपायुक्त के कामकाज और उनकी प्राथमिकताओं पर टिकी हुई हैं।

