By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। आगामी श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन और बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाले बाबा बैद्यनाथ धाम में इस बार भी लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंदिर परिसर में बने नए एवं पुराने ओवरब्रिजों की तकनीकी जांच मंगलवार से शुरू कर दी गई।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण की जिम्मेदारी रांची स्थित मेकॉन लिमिटेड की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को सौंपी गई है। टीम ने मंदिर प्रशासन की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक सभी प्रमुख ओवरब्रिजों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ओवरब्रिजों की संरचनात्मक मजबूती, निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा भार वहन क्षमता सहित कई तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जांच की गई।
मेकॉन लिमिटेड की विशेषज्ञ टीम ने किया विस्तृत निरीक्षण
तकनीकी जांच का नेतृत्व मेकॉन लिमिटेड के वरिष्ठ सलाहकार आर.एस. रमन ने किया। उनके साथ सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञ अरूप कुमार बांजा और शिल्पी रंजन भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने मंदिर परिसर में बने विभिन्न ओवरब्रिजों का क्रमवार निरीक्षण किया और प्रत्येक संरचना की गुणवत्ता का बारीकी से मूल्यांकन किया। टीम ने सबसे पहले हाल ही में तैयार किए गए नए ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। इस ओवरब्रिज का निर्माण कूपन कतार और सामान्य श्रद्धालु कतार को अलग-अलग संचालित करने के उद्देश्य से किया गया है, ताकि मेले के दौरान भीड़ का दबाव कम किया जा सके और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन की सुविधा मिल सके।

इसके बाद विशेषज्ञों ने क्यू कॉम्प्लेक्स से संस्कार मंडप को जोड़ने वाले ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। साथ ही वर्षों से उपयोग में रहे पुराने कूपन कतार ओवरब्रिज की भी तकनीकी स्थिति का परीक्षण किया गया।
संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ टीम ने ओवरब्रिजों के अंदर और बाहर के प्रत्येक हिस्से का सूक्ष्म परीक्षण किया। बीम, पिलर, स्लैब, रेलिंग, जॉइंट, फाउंडेशन तथा अन्य संरचनात्मक हिस्सों की मजबूती का मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा यह भी देखा गया कि लगातार भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान ओवरब्रिज पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे या नहीं। टीम ने निर्माण गुणवत्ता, भार वहन क्षमता, कंपन नियंत्रण, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग की संभावनाओं का भी परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा संबंधी खतरे का सामना न करना पड़े।

एक-दो दिनों में उपायुक्त को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण पूरा होने के बाद मेकॉन लिमिटेड की विशेषज्ञ टीम अपनी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट मंदिर प्रशासक सह उपायुक्त को एक से दो दिनों के भीतर सौंपेगी। रिपोर्ट में यदि किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी, मरम्मत अथवा अतिरिक्त सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता सामने आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा कराया जाएगा। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि श्रावणी मेले की शुरुआत से पहले सभी ओवरब्रिज पूरी तरह सुरक्षित और उपयोग योग्य स्थिति में हों।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु जलार्पण के लिए पहुंचते हैं। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से ओवरब्रिजों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इन्हीं के माध्यम से श्रद्धालुओं की कतारों का संचालन, आवागमन और भीड़ नियंत्रण किया जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता। इसी उद्देश्य से तकनीकी विशेषज्ञों से स्वतंत्र जांच कराई जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही समाप्त किया जा सके।

सुरक्षा और व्यवस्था की लगातार हो रही समीक्षा
जिला प्रशासन श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहा है। मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, यातायात व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर भीड़ प्रबंधन और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारी रहे मौजूद
ओवरब्रिजों के निरीक्षण के दौरान बाबा मंदिर दंडाधिकारी डॉ. विवेक कश्यप, कमलेश कुमार, आदित्य फलहारी, सोना सिन्हा, सुबोध वर्मा, भोला भंडारी सहित मंदिर प्रशासन के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि श्रावणी मेले के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। तकनीकी जांच के बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई सुधार आवश्यक होगा तो उसे मेले की शुरुआत से पहले पूरा कर लिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन का अवसर मिल सके।



