By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर। वीरता, न्याय, स्वाभिमान और पराक्रम के प्रतीक सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य महाराज का विजय दिवस देवघर के रौनियार आश्रम स्थित नोनियार धर्मशाला में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में रौनियार समाज के पदाधिकारियों, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और समाज के स्वजाति बंधुओं ने भाग लिया। इस दौरान सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य के जीवन, संघर्ष, वीरता और ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य के स्मरण के साथ हुई। उपस्थित समाज के लोगों ने कहा कि अपने गौरवशाली इतिहास और वीर महापुरुषों के योगदान को याद करना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और पूर्वजों के संघर्ष से परिचित कराया जा सकता है।

सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य के पराक्रम को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य के साहस और पराक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी वीरता और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उनका जीवन संघर्ष, आत्मसम्मान और साहस की प्रेरणा देता है। विजय दिवस के आयोजन का उद्देश्य केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व को याद करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और संघर्ष की भावना को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। युवा पीढ़ी यदि अपने इतिहास और गौरवशाली परंपरा को समझेगी, तो उसमें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी। इसी उद्देश्य से रौनियार समाज की ओर से सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य का विजय दिवस उत्साह के साथ मनाया गया।

समाज के पदाधिकारी और स्वजाति बंधु रहे मौजूद
विजय दिवस कार्यक्रम में रौनियार समाज के अध्यक्ष श्री शशिकांत गुप्ता और सचिव रामसेवक साह के साथ परमेश्वर साह, रमेश साह, राजन गुप्ता, संतोष साह, कमल कुमार गुप्ता, मनोज कुमार साह, लगन साह, धीरज कुमार गुप्ता एवं मनीष कांत साह मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में समाज के अन्य स्वजाति बंधुओं की भी मौजूदगी रही। इस दौरान सामाजिक एकता और संगठन को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा हुई। समाज के लोगों ने कहा कि आपसी सहयोग और एकजुटता से ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।

महिला मोर्चा ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में रौनियार महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती लाजवती गुप्ता और सचिव श्रीमती कंचन मूर्ति की भी उपस्थिति रही। महिला मोर्चा की ओर से कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई गई। महिला पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के इतिहास और महापुरुषों के योगदान से महिलाओं और बच्चों को भी अवगत कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में नई पीढ़ी को संस्कार एवं इतिहास की जानकारी देने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे आयोजन समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने का काम करते हैं।

युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने पर जोर
रौनियार युवा मोर्चा के सचिव धीरज कुमार गुप्ता की भी कार्यक्रम में उपस्थिति रही। युवा मोर्चा की ओर से कहा गया कि आज के युवाओं को अपने समाज और देश के गौरवशाली इतिहास की जानकारी होना आवश्यक है। महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा सामाजिक जिम्मेदारियों को समझ सकते हैं और समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में युवाओं ने सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य की वीरता और संघर्ष को प्रेरणास्रोत बताते हुए समाज की एकजुटता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सामाजिक एकता का लिया संकल्प
विजय दिवस के अवसर पर रौनियार समाज के लोगों ने सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और समाजहित में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की ताकत उसकी एकजुटता में होती है। इसलिए समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेद भुलाकर सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।

देवघर के रौनियार आश्रम स्थित नोनियार धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। समाज के लोगों ने सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके साहस, पराक्रम, न्यायप्रियता और स्वाभिमान से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज की एकजुटता को बनाए रखने और आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का आह्वान किया। इस तरह सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य का विजय दिवस समारोह देवघर में सामाजिक एकता और ऐतिहासिक गौरव के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

