By: Mala Mandal
देवघर। देवघर शहर के कल्याणपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की निर्माणाधीन बिल्डिंग में सोमवार को निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अचानक मिट्टी धंस जाने से वहां काम कर रहे दो मजदूर उसके नीचे दब गए। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माणाधीन भवन में नींव से जुड़े कार्य चल रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। इससे वहां काम कर रहे दो मजदूर मिट्टी के नीचे दब गए। घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद मजदूरों को कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। जैसे ही उन्हें हादसे की जानकारी मिली, सभी मजदूर तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।

साथी मजदूरों ने फावड़े और अन्य उपलब्ध उपकरणों की मदद से तेजी से मिट्टी हटानी शुरू की। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। काफी प्रयास के बाद दोनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे के बाद दोनों मजदूरों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों और निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों से भी पूछताछ की। प्रशासन यह जानने का प्रयास कर रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। निर्माण कार्य के दौरान गहरी खुदाई और मिट्टी धंसने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जगहों पर मिट्टी की मजबूती की जांच, सुरक्षा बैरिकेडिंग, तकनीकी निगरानी और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है। यदि इन मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जाए तो इस तरह के हादसों की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन की ओर से अभी तक हादसे के कारणों अथवा किसी प्रकार की लापरवाही को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा प्राकृतिक कारणों से हुआ या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की चूक इसकी वजह बनी।

गौरतलब है कि तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के बीच मजदूरों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। समय रहते राहत कार्य शुरू होने के कारण इस हादसे में एक बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन यह घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित करती है।

फिलहाल दोनों मजदूर अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस एवं प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं तथा जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


