By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया एवं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने संयुक्त रूप से बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण सहित पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख रूटलाइन का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, यातायात व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया गया।

जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिले। इसी सोच के साथ उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर चल रहे कार्यों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने बाबा मंदिर प्रांगण के अलावा खिजुरिया, रांगा मोड़, दर्शनिया मोड़, शिवगंगा, नेहरू पार्क, शिवराम झा चौक, तिवारी चौक, बीएड कॉलेज तथा बरमसिया-नंदन पहाड़ रूटलाइन का विस्तार से निरीक्षण किया। इन सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं की उपलब्धता का बारीकी से आकलन किया गया।

उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने कांवरियों के पैदल मार्ग की स्थिति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मार्ग पूरी तरह समतल, सुरक्षित और साफ-सुथरा रहे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पैदल मार्ग पर कहीं भी जलजमाव, गंदगी या अवरोध नहीं रहने चाहिए ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी पेयजल केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध रहे। गर्मी और उमस को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को किसी भी स्थान पर पानी की कमी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

साफ-सफाई को लेकर भी जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आया। उपायुक्त ने शौचालयों की नियमित सफाई, कचरा उठाव की व्यवस्था तथा मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम एवं संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुविधा दोनों के लिए आवश्यक है।
रात्रि के समय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइट और प्रकाश व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। जहां कहीं भी प्रकाश व्यवस्था में कमी दिखाई दी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि मेला अवधि के दौरान किसी भी स्थान पर अंधेरा नहीं रहना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।

भीड़ प्रबंधन को लेकर बनाए गए होल्डिंग पॉइंट्स की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी होल्डिंग पॉइंट्स पूरी तरह तैयार रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन श्रावणी मेले की सबसे बड़ी चुनौती होती है और इसके लिए प्रत्येक विभाग को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने स्पष्ट कहा कि बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सुविधा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि मेला तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग समयबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करे ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहेगा।

जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी समस्या की सूचना मिलते ही उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध सुविधाएं मिल सकें।

श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। संयुक्त निरीक्षण के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित मेला उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं।

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, जिला नजारत उपसमाहर्ता मुकेश कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, डीएमएफटी की टीम, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा कार्यपालक अभियंता सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।


