By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 7 अक्टूबर 2026 को सारठ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर छह संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से प्रारंभिक जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। कार्रवाई के दौरान कुल 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र में कुछ संदिग्ध साइबर अपराधी फर्जी तरीके से Flipkart/Amazon Pay के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank के पदाधिकारी और Google पर PhonePe कस्टमर केयर बनकर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसके अलावा आरोपियों द्वारा प्रधानमंत्री किसान योजना (PM Kisan) के नाम पर भी लोगों को झांसे में लेने की सूचना पुलिस को मिली थी।

सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में संबंधित थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। इस दौरान छह संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। तकनीकी जांच के बाद जब्त मोबाइल नंबर और IMEI नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज पाए जाने की बात भी सामने आई है।
छह संदिग्ध साइबर अपराधी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में मो. सलाउद्दीन अंसारी, उम्र करीब 25 वर्ष, पिता आजाद आलम, कपसा थाना सारठ; राजाबाबू, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता मुन्ना मियां, छालापाथर थाना पालाजोरी; चंदन दास, उम्र करीब 30 वर्ष, पिता बिशु दास, खखवाजोरी थाना पथरड्डा ओपी (सारठ); राजनन्दन दास, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता छोटी महरा, खखवाजोरी थाना पथरड्डा ओपी (सारठ); आशीष दास, उम्र करीब 18 वर्ष, पिता संजय दास, बुढ़ीबीघा थाना मधुपुर तथा मनोज दास, उम्र करीब 22 वर्ष, पिता महेश महरा, पाथरौल थाना पाथरौल, देवघर शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का भी पता लगाया जा रहा है।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपियों की अपराध शैली में सबसे प्रमुख तरीका फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर लोगों को झांसे में लेना था। आरोपी Google Pay, PhonePe और Paytm के फर्जी कस्टमर केयर पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं से संपर्क करते और उन्हें कैशबैक का झांसा देते थे। कैशबैक के लालच में लोगों को फंसाकर साइबर ठगी करने का आरोप है।
इसके अलावा आरोपियों द्वारा Flipkart और Amazon Pay कस्टमर केयर के नाम का भी इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ी किसी समस्या के समाधान के नाम पर लोगों को विश्वास में लेकर उनके साथ ठगी करने की कोशिश की जाती थी।

APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेने का आरोप
साइबर अपराधियों की दूसरी कार्यशैली मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाकर उसका एक्सेस हासिल करना था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO Challan आदि के नाम पर लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेजते थे।
लोगों को सरकारी योजना, बिजली बिल या चालान से संबंधित जरूरी फाइल बताकर APK डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके बाद मोबाइल का एक्सेस हासिल कर साइबर ठगी करने का आरोप है। ऐसे मामलों में मोबाइल का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में जाने से बैंकिंग और निजी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है।

Airtel Payment Bank के नाम पर भी बनाया जाल
पुलिस की जांच में आरोपियों द्वारा Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी लोगों को ठगी के जाल में फंसाने की बात सामने आई है। आरोपी उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बंद होने की बात कहते थे। इसके बाद कार्ड को दोबारा चालू कराने या समस्या का समाधान करने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी आम लोगों की परेशानी और डिजिटल सेवाओं को लेकर उनकी जानकारी का फायदा उठाकर ठगी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते थे।

9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के बाद गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच के बाद इनसे जुड़े साइबर अपराध के मामलों और संभावित नेटवर्क का पता चल सकता है।

तकनीकी जांच में जब्त मोबाइल नंबर और IMEI नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज पाए जाने की बात पुलिस ने कही है। इससे संकेत मिलता है कि गिरफ्तार संदिग्धों के मोबाइल और सिम का इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्रों में साइबर ठगी से जुड़े मामलों में किया गया हो सकता है। हालांकि, इन सभी मामलों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

देवघर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हाल के दिनों में देवघर पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है और अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
कार्रवाई में पुअनि अजय कुमार, साइबर थाना देवघर, पुअनि दीपक कुमार साह, सारठ थाना प्रभारी एवं सारठ थाना की टीम तथा सअनि शिवचरण हेम्ब्रम, पालाजोरी थाना प्रभारी एवं पालाजोरी थाना की टीम शामिल रही।

देवघर पुलिस ने आम लोगों से साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड न करें और कस्टमर केयर के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति के साथ बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की जा सकती है।
