By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर।भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के आगामी देवघर आगमन को लेकर जिला प्रशासन और न्यायिक विभाग की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य न्यायाधीश के प्रस्तावित दौरे को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार, 1 नवंबर 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा, देवघर के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने संयुक्त रूप से व्यवहार न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और अंतिम चरण में चल रहे तैयारियों के कार्यों का बारीकी से जायजा लिया।

मुख्य न्यायाधीश के देवघर आगमन के अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर में ‘स्टेट लेवल लीगल सर्विसेज-कम-इम्पॉवरमेंट कैंप’ (State Level Legal Services-cum-Empowerment Camp) का आयोजन प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो, इसके लिए न्यायिक पदाधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम स्थल पर उपलब्ध व्यवस्थाओं और विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया।

गरिमापूर्ण आयोजन के लिए आपसी समन्वय पर जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से विधि-व्यवस्था, सुरक्षा मानकों, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों की जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं, ताकि मुख्य न्यायाधीश के आगमन के दौरान किसी तरह की परेशानी उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण न्यायिक कार्यक्रम का आयोजन गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर काम करें। कार्यक्रम स्थल पर जिन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, उन्हें निर्धारित समय के अंदर पूरा किया जाए। साथ ही अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा गया।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद, पुलिस बलों की तैनाती की तैयारी
मुख्य न्यायाधीश के देवघर आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए विभिन्न संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण बिंदुओं को चिह्नित करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के साथ-साथ मुख्य न्यायाधीश के आवागमन के दौरान भी विशेष सतर्कता बरतने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल होने वाले न्यायिक पदाधिकारियों, अधिकारियों और अन्य अतिथियों की सुरक्षा एवं आवागमन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था के लिए तैयार किया गया विशेष रूट चार्ट
मुख्य न्यायाधीश के आगमन के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भी विशेष तैयारी की गई है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने अधिकारियों को यातायात प्रबंधन की तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायाधीश के काफिले के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए विशेष रूट चार्ट तैयार किया गया है।
इसके तहत संबंधित मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने और आवश्यकतानुसार पुलिस बलों की तैनाती की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुख्य न्यायाधीश का काफिला बिना किसी बाधा के कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सके और शहर के आम नागरिकों को भी आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
पुलिस पदाधिकारियों को यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया गया।

न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। इस मौके पर न्यायिक पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, ट्रैफिक डीएसपी सहित जिला स्तर के कई वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी तैयारियों को समय पर पूरा करने और कार्यक्रम के दौरान निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा गया।

न्यायिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होगा देवघर का यह आयोजन
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का प्रस्तावित देवघर दौरा जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन के अवसर पर आयोजित होने वाला स्टेट लेवल लीगल सर्विसेज-कम-इम्पॉवरमेंट कैंप न्यायिक सेवाओं और आम लोगों को कानूनी सहायता से जोड़ने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए न्यायिक विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल के निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने तैयारियों को समय पर पूरा करने और सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

फिलहाल मुख्य न्यायाधीश के प्रस्तावित देवघर दौरे को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा, यातायात और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि यह महत्वपूर्ण आयोजन व्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
