By: Mala Mandal
देवघर: झारखंड के देवघर जिले में बिहार के चर्चित लोकगायक सुनील छैला बिहारी की जमीन पर कथित तौर पर जबरन काम कराने का मामला सामने आया है। मामला देवघर के ठाढ़ीदुलमपुर मौजा से जुड़ा है। लोकगायक ने अपनी जमीन पर कथित रूप से उनकी इच्छा के विरुद्ध काम कराए जाने की शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) से की है। उन्होंने इस मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप करने, विवादित स्थल पर काम रोकने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद देवघर के एसडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुंडा थाना प्रभारी को जांच करने का निर्देश दिया है। एसडीओ की ओर से थाना प्रभारी को पत्र जारी कर शिकायत की छायाप्रति भी उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, मामले के तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट अनुमंडल कार्यालय को सौंपने को कहा गया है। अब पुलिस की जांच और उसकी रिपोर्ट के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

ठाढ़ीदुलमपुर मौजा की जमीन को लेकर सामने आया विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला देवघर जिले के ठाढ़ीदुलमपुर मौजा स्थित लोकगायक सुनील छैला बिहारी की जमीन से संबंधित है। लोकगायक का आरोप है कि उनकी जमीन पर उनकी सहमति के बिना कथित तौर पर काम कराया जा रहा था। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली, तो वह मौके पर पहुंचे और वहां चल रहे काम का विरोध किया। सुनील छैला बिहारी के अनुसार, जब वह अपनी जमीन पर काम कराने पहुंचे, तो वहां एक व्यक्ति कथित तौर पर जबरन काम करा रहा था। उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए काम बंद कराने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर संबंधित व्यक्ति के साथ विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोकगायक का कहना है कि जमीन से संबंधित मामले में उनकी आपत्ति के बावजूद काम कराया जाना उचित नहीं है। इसी कारण उन्होंने मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस की। हालांकि, विवाद में शामिल दूसरे पक्ष का पक्ष और जमीन पर काम कराए जाने से संबंधित परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। इन तथ्यों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।

विरोध करने पर उत्पन्न हुई विवाद की स्थिति
शिकायत के मुताबिक, जमीन पर काम कराए जाने को लेकर सुनील छैला बिहारी और संबंधित व्यक्ति के बीच मतभेद की स्थिति बन गई। लोकगायक ने मौके पर पहुंचकर काम रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई है।जमीन से जुड़े विवादों में स्वामित्व, कब्जे, निर्माण कार्य और संबंधित पक्षों की सहमति जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जमीन से संबंधित दस्तावेजों, वास्तविक स्थिति और दोनों पक्षों के बयानों की जांच आवश्यक है। फिलहाल, इस मामले में लोकगायक की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित जमीन पर किस प्रकार का काम कराया जा रहा था और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। पुलिस जांच में इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है।

एसडीओ से मिलकर की हस्तक्षेप की मांग
घटना के बाद सुनील छैला बिहारी देवघर स्थित अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने एसडीओ से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। उन्होंने प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी देते हुए जमीन पर कथित रूप से जबरन काम कराए जाने पर रोक लगाने और मामले की जांच कराने का अनुरोध किया। लोकगायक ने अपने आवेदन के माध्यम से प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि जमीन से जुड़े विवाद का समाधान नियमानुसार हो। उनका उद्देश्य संबंधित मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए उचित कार्रवाई कराना है। अनुमंडल कार्यालय में आवेदन दिए जाने के बाद शिकायत पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई। एसडीओ ने शिकायत को संबंधित पुलिस थाने तक भेजते हुए मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। इससे अब यह मामला पुलिस जांच के दायरे में आ गया है।

कुंडा थाना प्रभारी को जांच का निर्देश
सुनील छैला बिहारी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए देवघर के एसडीओ ने कुंडा थाना प्रभारी को पत्र जारी किया है। पत्र के साथ शिकायत की छायाप्रति संलग्न करते हुए मामले के तथ्यों की जांच करने और रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से जांच का निर्देश दिए जाने के बाद अब पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस मामले से जुड़े पक्षों से पूछताछ करने, जमीन से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों की जानकारी लेने और घटनास्थल की परिस्थितियों का सत्यापन करने जैसे पहलुओं पर जांच कर सकती है। हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी में पुलिस जांच के निष्कर्ष, किसी पक्ष के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी या किसी दंडात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इस प्रकरण को शिकायत के आधार पर सामने आया जमीन विवाद ही माना जा रहा है।

जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
ठाढ़ीदुलमपुर मौजा में लोकगायक सुनील छैला बिहारी की जमीन को लेकर सामने आए इस मामले में अब सभी की नजर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर है। जांच के दौरान यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि जमीन पर काम किस आधार पर कराया जा रहा था, संबंधित पक्षों के पास क्या दस्तावेज हैं और विवाद की वास्तविक वजह क्या है। यदि जांच में शिकायत से संबंधित तथ्यों की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, दूसरे पक्ष का बयान और उपलब्ध दस्तावेज भी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे। किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।

देवघर के एसडीओ की ओर से कुंडा थाना प्रभारी को जांच का निर्देश दिया जाना इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का महत्वपूर्ण कदम है। अब पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।

फिलहाल, लोकगायक सुनील छैला बिहारी ने अपनी जमीन पर कथित तौर पर जबरन काम कराए जाने की शिकायत प्रशासन से की है। मामले में पुलिस की जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किन परिस्थितियों में उत्पन्न हुआ और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।



