By: Mala Mandal
देवघर जिले के सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण करते हुए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों जैसे ऑपरेशन थिएटर (ओटी), आईसीयू, सिटी स्कैन यूनिट, बर्न यूनिट और मेटरनिटी वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए उपायुक्त ने चिकित्सकों की उपस्थिति पंजी और रोस्टर की भी जांच की।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने अस्पताल के ओपीडी और दवा वितरण केंद्र (दवाखाना) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पंजीकृत मरीजों की संख्या, इलाज की प्रक्रिया और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। साथ ही, संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर सेवा देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी उपायुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को समय पर जांच की सुविधा मिले, इसके लिए सभी जरूरी कदम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी संसाधनों का सही उपयोग मरीजों की सुविधा और इलाज की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने उनसे अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, इलाज की स्थिति और किसी प्रकार की परेशानी के बारे में जानकारी ली। इस संवाद के माध्यम से अस्पताल की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की गई। कई परिजनों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सदर अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना बेहद जरूरी है। साफ-सफाई की अनदेखी से न केवल संक्रमण का खतरा बढ़ता है, बल्कि अस्पताल की छवि भी प्रभावित होती है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों को भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी सेवा भावना के साथ करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पताल एक ऐसा स्थान है जहां लोग उम्मीद लेकर आते हैं, ऐसे में यहां कार्यरत सभी कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों को बेहतर और संवेदनशील सेवा प्रदान करें।
स्वच्छता पर विशेष जोर:
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ वातावरण न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह मानसिक रूप से भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। यदि अस्पताल परिसर साफ-सुथरा और व्यवस्थित होगा, तो मरीजों और उनके परिजनों को एक बेहतर अनुभव मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता के अभाव में कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर स्तर पर साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत हो। नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय कर इस दिशा में सुधार लाया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अस्पताल उपाधीक्षक सहित अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित रहे। सभी को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
इस औचक निरीक्षण के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। प्रशासन की इस सक्रियता से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ी है।

