By: Mala Mandal
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं तथा बुद्धि, सुख-समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 8 जुलाई 2026, बुधवार को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अष्टमी के बाद नवमी तिथि का संयोग बन रहा है, जिसे पूजा-पाठ और भगवान गणेश के स्मरण के लिए शुभ माना गया है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले श्रीगणेश की पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि सच्चे मन से गणपति की आराधना करने वाले भक्तों के कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

बुधवार को ऐसे करें भगवान गणेश की पूजा
ब्रह्म मुहूर्त या सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं और उन्हें दूर्वा, लाल पुष्प, सिंदूर तथा मोदक या गुड़ का भोग अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक आरती करें और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में आने वाली परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।

बुधवार के दिन क्या करें?
– भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
– जरूरतमंद लोगों को हरी मूंग, हरे वस्त्र या फल का दान करें।
– क्रोध और कटु वाणी से बचें।
– किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश वंदना से करें।
– परिवार के साथ मिलकर गणेश आरती करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक विद्वानों का मानना है कि नियमित रूप से भगवान गणेश की उपासना करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पुराणों और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। NewsBag किसी भी धार्मिक दावे की पुष्टि नहीं करता। श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करें।





