By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 19 July 2026: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखना अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, दिशाशूल और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे दिनभर के कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकती है। यदि आप आज विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, भूमि पूजन, निवेश, यात्रा या किसी नए कार्य की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, तो पहले 19 जुलाई 2026, रविवार का संपूर्ण पंचांग अवश्य जान लें। आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, दिशाशूल और शुभ समय।

आज का पंचांग (19 जुलाई 2026)
वार: रविवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
शक संवत: 1948 (पराभव)
पूर्णिमांत मास: आषाढ़
अमांत मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि
शुक्ल पक्ष षष्ठी – 19 जुलाई प्रातः 03:43 बजे तक, इसके बाद शुक्ल पक्ष सप्तमी प्रारंभ होगी।
शुक्ल पक्ष सप्तमी – 20 जुलाई प्रातः 03:30 बजे तक प्रभावी रहेगी।

आज का नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी – 18 जुलाई शाम 06:00 बजे से 19 जुलाई शाम 06:11 बजे तक।
इसके बाद हस्त नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो 20 जुलाई शाम 07:09 बजे तक रहेगा।

आज का योग
परिघ योग – 19 जुलाई शाम 07:22 बजे तक।
इसके बाद शिव योग प्रारंभ होगा, जो 20 जुलाई शाम 06:36 बजे तक रहेगा।
राहुकाल
रविवार को राहुकाल सामान्यतः शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक माना जाता है। इस अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

अभिजीत मुहूर्त
दोपहर लगभग 11:58 बजे से 12:53 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। यह समय अधिकांश शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
दिशाशूल
रविवार के दिन दिशाशूल पश्चिम दिशा में माना जाता है। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से गुड़ या पान खाकर निकलना शुभ माना जाता है।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय – प्रातः लगभग 05:25 बजे
सूर्यास्त – सायं लगभग 06:37 बजे
(स्थान के अनुसार समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है।)

आज का धार्मिक महत्व
आज शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और उत्तर फाल्गुनी तथा हस्त नक्षत्र का संयोग कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन प्रातःकाल सूर्य को जल अर्पित करने, आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य मंत्र का जाप करने से मान-सम्मान, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सफलता में वृद्धि होने की मान्यता है। शिव योग का प्रभाव भी आध्यात्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है।

आज क्या करें
सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।
महत्वपूर्ण कार्य अभिजीत मुहूर्त में करने का प्रयास करें।
राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करने से बचें।
घर और कार्यस्थल में सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।

यह पंचांग वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं एवं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी है। विभिन्न शहरों और स्थानों के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल एवं मुहूर्त के समय में कुछ अंतर हो सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य के लिए अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।


