By: Vikash Kumar (Vicky)

दुमका (झारखंड)। दुमका जिले में किन्नर समुदाय से जुड़े लोगों के कथित अपहरण, धमकी और रंगदारी मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। सहारा निवासी अनिता किन्नर ने सुनील मिर्धा उर्फ माही किन्नर और उनके सहयोगियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, जान से मारने की धमकी देने तथा प्रत्येक महीने पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, मांगी गई रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही थी। इस मामले के सामने आने के बाद किन्नर समुदाय के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पांच लोगों पर लगाए गए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, सारठ थाना क्षेत्र के मिश्राडीह निवासी सुनील मिर्धा उर्फ माही किन्नर के साथ राहुल कुमार, गोपाल यादव, दिलखुश कुमार, अरबाज खान उर्फ हिना और सन्नी कुमार उर्फ सोनी के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन लोगों द्वारा अनिता किन्नर पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही हर महीने पांच लाख रुपये देने की मांग की जा रही थी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

स्कॉर्पियो से जबरन ले जाने का दावा
मामले में सबसे गंभीर आरोप 3 नवंबर 2026 को हुई कथित घटना को लेकर लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एक स्कॉर्पियो वाहन से पहुंचे लोगों ने कुछ व्यक्तियों को कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले लिया।

बताया गया है कि घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन का नंबर JH04AG1262 है। आरोप है कि सुनील मिर्धा उर्फ माही किन्नर और उनके सहयोगी इस घटना में शामिल थे। शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे जबरन अपहरण का मामला बताते हुए संबंधित लोगों की जान को खतरा होने की आशंका जताई है।

अनिता, निशा, अंकित और लुसी को ले जाने का आरोप
शिकायत में अनिता किन्नर के अलावा निशा किन्नर, अंकित कुमार और लुसी को भी जबरन अपने साथ ले जाने का दावा किया गया है। घटना के बाद से संबंधित लोगों की सुरक्षा और उनकी सकुशल वापसी को लेकर चिंता जताई जा रही है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए कथित रूप से ले जाए गए लोगों का जल्द पता लगाया जाना चाहिए।

पांच लाख रुपये की मासिक रंगदारी का मामला गंभीर
इस पूरे प्रकरण में प्रत्येक महीने पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो मामला रंगदारी, आपराधिक धमकी और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ सकता है। ऐसे में पुलिस के लिए घटना की परिस्थितियों, कथित धमकियों और वाहन की भूमिका की जांच करना महत्वपूर्ण होगा।

पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद शिकायतकर्ता पक्ष ने पुलिस प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संबंधित स्कॉर्पियो वाहन की पहचान कर उसे बरामद करने, कथित रूप से ले जाए गए लोगों को सुरक्षित वापस लाने तथा आरोपितों के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है।

फिलहाल इस मामले में पुलिस का आधिकारिक बयान, प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति और कथित रूप से ले जाए गए लोगों की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और संबंधित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

