By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर। पूर्व राज्यपाल एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को देवघर सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर इंडिया गठबंधन और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर वंशवाद की राजनीति करने और देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्ष के तमाम दल मिलकर देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी। अराजकता फैलाने वालों की मंशा कभी कामयाब नहीं होगी।

रघुवर दास ने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। विपक्षी गठबंधन के पास विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर बात करने के बजाय परिवारवाद और राजनीतिक स्वार्थ को आगे बढ़ाने की राजनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन में शामिल अधिकांश दल वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देते हैं। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय ये दल अपने राजनीतिक हितों को साधने में लगे हुए हैं।

देशभर में पदयात्रा के माध्यम से जनता तक पहुंचेगी सरकार की उपलब्धियां
प्रेस वार्ता के दौरान रघुवर दास ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच पहुंचाने के लिए शुरू की गई पदयात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश के गृह मंत्री द्वारा अराजकता फैलाने की कोशिशों के खिलाफ और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से पदयात्रा की शुरुआत की गई है। यह अभियान अब देश के सभी राज्यों और जिलों में चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से जनता को केंद्र सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और अराजकता की राजनीति के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
रघुवर दास ने जानकारी दी कि झारखंड में इस पदयात्रा की शुरुआत 5 नवंबर से दुमका में होगी। इसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों में अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच केंद्र सरकार की उपलब्धियों को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेगी और किसी भी परिस्थिति में देश में अराजकता का माहौल बनने नहीं देगी।

गम्हरिया थाना और सुंदरपहाड़ी की घटनाओं पर सरकार को घेरा
प्रेस वार्ता में रघुवर दास ने झारखंड की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गम्हरिया थाना में घटित घटना और सुंदरपहाड़ी मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में अब राज्य की बहू-बेटियां थानों के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। जब पुलिस थाने में ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो आम जनता की सुरक्षा की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। अपराधियों में कानून का भय समाप्त होता जा रहा है और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन चुकी है।
रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि बहू-बेटियां शाम सात बजे के बाद घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि आखिर महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? सरकार का काम केवल बयान देना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना भी है।

सिंडिकेट के इशारे पर चल रही सरकार, पुलिस प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर सिंडिकेट के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में शासन और प्रशासन की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था का इस्तेमाल गिट्टी, बालू, जंगल और जमीन से जुड़े अवैध वसूली के मामलों में किया जा रहा है। जब पुलिस प्रशासन का ध्यान कानून व्यवस्था बनाए रखने के बजाय ऐसे मामलों में लगा रहेगा, तो राज्य में अपराध और अव्यवस्था पर नियंत्रण कैसे होगा?
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना जरूरी है। पुलिस का मूल दायित्व जनता की सुरक्षा करना, अपराधियों पर कार्रवाई करना और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। लेकिन वर्तमान स्थिति को लेकर जनता के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
रघुवर दास ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग
राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को थोड़ी भी शर्म और नैतिकता का एहसास है, तो उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी वहां के नागरिकों को सुरक्षा देना और कानून का शासन कायम रखना है। अगर राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, तो यह सरकार की विफलता को दर्शाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की जनता ने बेहतर शासन, सुरक्षा और विकास की उम्मीद के साथ सरकार को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में जनता को कई मोर्चों पर निराशा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

विपक्ष पर हमला और राज्य सरकार के खिलाफ हमलावर रहे रघुवर दास
देवघर सर्किट हाउस में आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान रघुवर दास का रुख केंद्र की राजनीति से लेकर झारखंड की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति तक हमलावर रहा। एक ओर उन्होंने इंडिया गठबंधन पर वंशवाद और अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को बताएगी और विपक्ष की राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। झारखंड में 5 नवंबर से दुमका के माध्यम से शुरू होने वाली पदयात्रा को इसी अभियान का हिस्सा बताया।
कुल मिलाकर, रघुवर दास की इस प्रेस वार्ता में विपक्षी गठबंधन पर राजनीतिक हमला, केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति और झारखंड की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की आलोचना प्रमुख मुद्दे रहे।
