By: Mala Mandal
मधुपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को मधुपुर गांधी चौक में गांधी हेरिटेज के तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके सत्य, अहिंसा, प्रेम, शांति, सद्भाव एवं मानवता के संदेश को याद किया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी के विचारों और उनके जीवन मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया।

गांधी जी के आदर्शों को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने कहा कि महात्मा गांधी का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा, प्रेम, सद्भाव, शांति और मानवता के मूल्यों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता और शांति का संदेश दिया। मंत्री ने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी समाज और राष्ट्र को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके आदर्श किसी एक समय या पीढ़ी तक सीमित नहीं हैं। वर्तमान समय में जब समाज में आपसी सहयोग, भाईचारे और सद्भाव की आवश्यकता है, ऐसे समय में गांधी जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाया। उनके लिए अहिंसा केवल किसी संघर्ष का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक ऐसी विचारधारा थी, जिसमें मानवता, प्रेम और सह-अस्तित्व को प्रमुख स्थान दिया गया।
नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत
मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने कहा कि गांधी जी के आदर्शों को केवल इतिहास की किताबों तक सीमित रखने के बजाय नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। बच्चों और युवाओं को गांधी जी के जीवन, संघर्ष और विचारों से परिचित कराने की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बताए मूल्यों को समझ सकें और अपने जीवन में उतार सकें।

उन्होंने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण या श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है। यह दिन हमें आत्ममंथन करने और यह सोचने का अवसर देता है कि हम अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में सत्य, अहिंसा, प्रेम, भाईचारे और मानवता के मूल्यों को किस तरह अपना सकते हैं। मंत्री ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए आपसी सम्मान और सद्भाव बेहद जरूरी है। धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर लोगों के बीच प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करना ही महात्मा गांधी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाने का आह्वान
मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने लोगों से आह्वान किया कि वे बापू द्वारा बताए गए सत्य, अहिंसा और भाईचारे के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज भी पूरी दुनिया में शांति और मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए केवल विचार पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उन विचारों को व्यवहार और आचरण में उतारना भी जरूरी है।

समाज में सद्भाव मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने समाज में आपसी प्रेम, सम्मान, भाईचारा और सद्भाव को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती वहां रहने वाले लोगों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग पर निर्भर करती है। इसलिए सभी लोगों को मिल-जुलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जहां हर व्यक्ति एक-दूसरे का सम्मान करे और जरूरत के समय एक-दूसरे का सहयोग करे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमें मानवता को सर्वोपरि रखने की सीख देता है। उनके विचारों को अपनाकर समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण बनाया जा सकता है।

बापू को श्रद्धापूर्वक किया नमन
कार्यक्रम के अंत में मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि बापू के सत्य, अहिंसा और मानवता के विचार सदैव लोगों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के इस अवसर पर हम सभी को ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, जहां प्रेम, सद्भाव, आपसी सम्मान, भाईचारा और मानवता की भावना मजबूत हो। यही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मंत्री ने कहा, “बापू जी को शत्-शत् नमन। उनके सत्य, अहिंसा और मानवता के विचार सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहें।”

मधुपुर गांधी चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से महात्मा गांधी के विचारों और उनके जीवन मूल्यों को याद करते हुए लोगों को सत्य, अहिंसा, शांति और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

