By: Mala Mandal
गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई फ्लैट इसकी चपेट में आ गए। इस भयावह हादसे में 8 से अधिक फ्लैट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि चार फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवारों ने अपनी जान बचाने के लिए जल्दबाजी में घर छोड़ दिया। कुछ लोग तो केवल पहने हुए कपड़ों में ही बाहर निकल पाए। आग की लपटों में घिरे अपने घरों को जलते हुए देख लोग सिसकते नजर आए।
कैसे लगी आग?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

राहत और बचाव कार्य
दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दमकल विभाग मौके पर नहीं पहुंचता, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था। आग बुझाने में करीब 2 से 3 घंटे का समय लगा।

उजड़ गए सपनों का दर्द
इस हादसे में सबसे ज्यादा दर्द उन परिवारों का है, जिन्होंने पाई-पाई जोड़कर अपने आशियाने बनाए थे। एक पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से अपना घर बनाया था, जो अब पूरी तरह जल चुका है। घर के साथ-साथ उनकी सारी जमा पूंजी, जरूरी दस्तावेज और कीमती सामान भी आग में स्वाहा हो गया। कई लोगों की आंखों में आंसू थे और वे अपने जले हुए घरों को देखकर भावुक हो रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई इस हादसे से सहमा हुआ नजर आया।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि इमारत में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। अगर समय रहते अलार्म सिस्टम और अग्निशमन उपकरण सही तरीके से काम करते, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

प्रशासन का बयान
स्थानीय प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति सामान्य हो रही है। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
गाजियाबाद का यह अग्निकांड न केवल एक दुर्घटना है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है। यह घटना बताती है कि छोटी सी लापरवाही किस तरह बड़े नुकसान में बदल सकती है। जरूरत है कि प्रशासन और आम लोग दोनों सतर्क रहें और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
#deoghar #newsbag #ghaziabad-fire-incident

