By: Mala Mandal
देवघर: गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है। क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को आम लोगों तक तेज और प्रभावी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बड़ी पहल करते हुए लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 7 निशुल्क ‘नमो एंबुलेंस’ सेवा की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था के तहत क्षेत्र के नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस सेवा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी लोकसभा क्षेत्र को सबसे अधिक विकास योजनाओं और संसाधनों का लाभ मिला है, तो उनमें गोड्डा भी शामिल है। इसी सोच के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए ‘नमो एंबुलेंस’ सेवा शुरू की गई है।
सांसद ने बताया कि शुरू की गई सभी एंबुलेंस आधुनिक लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम से लैस हैं। इनमें मरीजों को प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए जरूरी उपकरण लगाए गए हैं, जिससे अस्पताल पहुंचने से पहले भी मरीज को बेहतर चिकित्सा सहायता मिल सके।

उन्होंने कहा कि इन एंबुलेंसों को लोकसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी क्षेत्र से कॉल आने पर कम समय में सेवा उपलब्ध कराई जा सके। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए नागरिकों को टोल फ्री नंबर के माध्यम से बुकिंग की सुविधा भी दी जाएगी। कॉल प्राप्त होने के बाद नजदीकी एंबुलेंस को लोकेशन के आधार पर तत्काल भेजा जाएगा।

सांसद निशिकांत दुबे ने यह भी कहा कि इससे पहले वर्ष 2009 से लेकर 2025 तक क्षेत्र में करीब 15 एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन समय के साथ कई स्थानों पर उनके संचालन और रखरखाव से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। कई एंबुलेंस रखरखाव के अभाव में बंद हो गईं या उनका उपयोग निर्धारित उद्देश्य से अलग होने लगा। इन चुनौतियों को देखते हुए इस बार एक नई प्रणाली तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि नई ‘नमो एंबुलेंस’ सेवा के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी देश की एक बड़ी एंबुलेंस प्रबंधन कंपनी मेडुललेंस को सौंपी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एंबुलेंस हमेशा तकनीकी रूप से तैयार रहें और लोगों को लगातार गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलती रहे।

इस मॉडल की सबसे खास बात यह भी बताई गई कि एंबुलेंस में कार्यरत चालक और अन्य कर्मियों को स्थानीय स्तर पर रखा गया है। इससे क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी और लोगों तक पहुंच आसान होगी। स्थानीय कर्मियों की मौजूदगी से किसी भी आपातकालीन स्थिति में तेज प्रतिक्रिया मिलने की संभावना बढ़ेगी।
साथ ही, सेवा को तकनीक आधारित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यदि किसी स्थान की पहचान करने में कठिनाई आती है, तो ऑनलाइन मैपिंग और डिजिटल लोकेशन सिस्टम की सहायता से एंबुलेंस को संबंधित स्थान तक तुरंत पहुंचाया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में भी समय पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

स्थानीय लोगों और उपस्थित नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में यह कदम काफी उपयोगी साबित हो सकता है। विशेष रूप से उन परिवारों को राहत मिलेगी जो आर्थिक कारणों से निजी एंबुलेंस सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाते थे।

गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में शुरू की गई यह पहल आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नए मॉडल के रूप में देखी जा रही है। यदि इसका संचालन प्रभावी ढंग से होता है, तो आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में शुरू की गई यह ‘नमो एंबुलेंस’ सेवा क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनने की उम्मीद जता रही है।

