By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
HPV Virus and Throat Cancer: ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (Human Papillomavirus-HPV) को आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) का प्रमुख कारण माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही वायरस गले के कैंसर (Throat Cancer) का खतरा भी बढ़ा सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में एचपीवी से जुड़े गले के कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि देखी गई है। ऐसे में इस वायरस, इसके लक्षण, जोखिम और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है।

क्या है HPV वायरस?
एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वायरसों का एक बड़ा समूह है, जिसके 100 से अधिक प्रकार पाए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रकार त्वचा पर सामान्य मस्से पैदा करते हैं, जबकि कुछ हाई-रिस्क प्रकार शरीर की कोशिकाओं में बदलाव लाकर कैंसर का कारण बन सकते हैं। यही वायरस महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ पुरुषों और महिलाओं दोनों में गले, मुंह, जीभ, टॉन्सिल, गुदा और जननांगों से जुड़े कुछ कैंसरों का जोखिम भी बढ़ा सकता है।

कैसे बढ़ता है गले के कैंसर का खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी संक्रमण लंबे समय तक शरीर में बना रहने पर कुछ लोगों में कोशिकाओं में असामान्य परिवर्तन शुरू हो सकते हैं। समय पर जांच और उपचार न मिलने पर यही बदलाव आगे चलकर गले के कैंसर का रूप ले सकते हैं। हालांकि, हर एचपीवी संक्रमण कैंसर में नहीं बदलता और अधिकांश मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस को स्वयं समाप्त कर देती है।

गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण
गले में लगातार दर्द या खराश बने रहना।
आवाज का लंबे समय तक बैठ जाना या भारी हो जाना।
निगलने में दर्द या कठिनाई महसूस होना।
गले या गर्दन में गांठ दिखाई देना।
मुंह में लंबे समय तक रहने वाले घाव या सफेद धब्बे।
बार-बार कान में दर्द महसूस होना।
लगातार खांसी या खून के साथ खांसी आना।
बिना किसी कारण तेजी से वजन कम होना।
यदि ये लक्षण दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

किन लोगों में जोखिम ज्यादा होता है?
जिन लोगों में हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण होता है।
तंबाकू या धूम्रपान करने वाले लोग।
अधिक शराब का सेवन करने वाले लोग।
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति।
मुंह की स्वच्छता का ध्यान न रखने वाले लोग।

क्या HPV से बचाव संभव है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी संक्रमण और उससे जुड़े कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए HPV वैक्सीन प्रभावी मानी जाती है। इसके अलावा सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाना, धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाना, शराब का सीमित सेवन, नियमित स्वास्थ्य जांच और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि गले में दर्द, निगलने में परेशानी, आवाज में बदलाव, गर्दन में गांठ या मुंह के घाव लंबे समय तक ठीक न हों, तो बिना देरी किए ईएनटी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें। शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है।

एचपीवी वायरस केवल सर्वाइकल कैंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गले के कैंसर सहित अन्य कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम भी बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि हर संक्रमित व्यक्ति को कैंसर होगा। समय पर टीकाकरण, जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न समझें। यदि आपको बताए गए लक्षण दिखाई दें या किसी स्वास्थ्य समस्या का संदेह हो, तो योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

