By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत, मांगलिक कार्यक्रम या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। 14 जून 2026, रविवार का दिन ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के साथ विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस दिन अधिक मास का प्रभाव भी बना हुआ है, जिसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ समय माना जाता है।

आज रोहिणी नक्षत्र और धृति योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे धार्मिक कार्यों, जप-तप, दान-पुण्य और भगवान की आराधना का विशेष फल प्राप्त हो सकता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिन का धार्मिक महत्व।
आज का पंचांग 14 जून 2026
– दिन : रविवार
– तिथि : ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी
– पक्ष : कृष्ण पक्ष
– मास : अधिक ज्येष्ठ मास
– नक्षत्र : रोहिणी
– योग : धृति योग
– करण : शकुनि एवं चतुष्पाद
– सूर्योदय : प्रातः 5:08 बजे (लगभग)
– सूर्यास्त : सायं 6:37 बजे (लगभग)
– ऋतु : ग्रीष्म ऋतु
– अयन : उत्तरायण

आज का शुभ मुहूर्त
धार्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। आज कई शुभ योग बन रहे हैं जो पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं।
– अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:55 बजे से 12:50 बजे तक
– अमृत काल : सुबह 08:12 बजे से 09:48 बजे तक
– ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:02 बजे से 04:44 बजे तक
– विजय मुहूर्त : दोपहर 02:35 बजे से 03:28 बजे तक

आज का राहुकाल
राहुकाल को ज्योतिष शास्त्र में अशुभ समय माना गया है। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल : शाम 04:55 बजे से 06:37 बजे तक

चतुर्दशी तिथि का धार्मिक महत्व
कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। अधिक मास में आने वाली चतुर्दशी का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना अधिक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिव मंत्रों का जाप, महामृत्युंजय मंत्र का पाठ और गरीबों को दान करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर हो सकती हैं। साथ ही पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भी यह दिन विशेष माना जाता है।

रोहिणी नक्षत्र और धृति योग का प्रभाव
आज रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रहने से कला, व्यापार, कृषि और धन संबंधी कार्यों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। वहीं धृति योग व्यक्ति के आत्मविश्वास, धैर्य और निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस योग में किए गए शुभ कार्य लंबे समय तक लाभ देने वाले साबित हो सकते हैं।

आज क्या करें
– भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करें।
– अधिक मास में दान-पुण्य अवश्य करें।
– जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्र दान करें।
– महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
– घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए दीपक जलाएं।

आज क्या न करें
– राहुकाल में नए कार्य शुरू करने से बचें।
– किसी से विवाद या कटु वचन न बोलें।
– धार्मिक कार्यों में लापरवाही न करें।
– क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
अधिक मास की चतुर्दशी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और धृति योग का यह शुभ संयोग आध्यात्मिक उन्नति, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए धार्मिक कार्यों से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पंचांग गणनाओं और ज्योतिषीय आधारों पर तैयार किया गया है। NewsBag किसी भी प्रकार की पूर्ण सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करता। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

