By: Mala Mandal
गर्मी और मानसून के मौसम में अचानक मौसम बदलना, तेज हवाएं चलना, धूल भरी आंधी आना और गरज-चमक के साथ बारिश होना एक सामान्य घटना है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अधिकांश आंधी-तूफान सुबह के समय नहीं बल्कि दोपहर या शाम के समय ही क्यों आते हैं? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है। मौसम विज्ञान के अनुसार इसके पीछे एक बेहद रोचक वैज्ञानिक कारण छिपा हुआ है।

दरअसल, आंधी-तूफान बनने के लिए वातावरण में कई विशेष परिस्थितियों का एक साथ मौजूद होना जरूरी होता है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं गर्म हवा, नमी और वायुमंडलीय अस्थिरता। ये तीनों स्थितियां आमतौर पर दिन के दूसरे हिस्से यानी दोपहर और शाम के समय सबसे अधिक मजबूत होती हैं, इसलिए इसी समय आंधी और तूफान बनने की संभावना बढ़ जाती है।
सूरज की गर्मी से शुरू होती है पूरी प्रक्रिया
सुबह सूर्योदय के साथ ही सूर्य की किरणें पृथ्वी की सतह को गर्म करना शुरू कर देती हैं। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, जमीन लगातार सौर ऊर्जा को अवशोषित करती रहती है। इस कारण पृथ्वी की सतह का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच जमीन का तापमान आमतौर पर अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है। यही अतिरिक्त गर्मी वातावरण में ऊर्जा पैदा करती है, जो आगे चलकर आंधी-तूफान के विकास का कारण बन सकती है।

गर्म हवा ऊपर उठती है और बनते हैं बादल
जब जमीन बहुत अधिक गर्म हो जाती है तो उसके संपर्क में मौजूद हवा भी गर्म होने लगती है। गर्म हवा हल्की होती है, इसलिए वह तेजी से ऊपर उठने लगती है। इस प्रक्रिया को संवहन (Convection) कहा जाता है। ऊपर जाते समय यह गर्म हवा अपने साथ नमी भी ले जाती है। जैसे-जैसे हवा ऊंचाई पर पहुंचती है, तापमान कम होने लगता है और हवा में मौजूद जलवाष्प संघनित होकर बादलों का निर्माण करती है। यदि वातावरण में पर्याप्त नमी और अस्थिरता मौजूद हो तो ये बादल विशाल क्यूम्यूलोनिंबस बादलों में बदल सकते हैं, जो गरज-चमक, बिजली और तेज आंधी के लिए जिम्मेदार होते हैं।

सुबह के समय क्यों नहीं बनते तूफान?
सुबह के समय पृथ्वी की सतह रातभर ठंडी रहती है। सूरज निकलने के बाद भी जमीन को पर्याप्त गर्म होने में कई घंटे लग जाते हैं। ऐसे में वातावरण में वह ऊर्जा और अस्थिरता मौजूद नहीं होती जो आंधी-तूफान के निर्माण के लिए आवश्यक है। यही कारण है कि सुबह के समय हवा अपेक्षाकृत शांत रहती है और आकाश साफ दिखाई देता है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में सुबह भी बारिश या तूफान आ सकते हैं, लेकिन सामान्य तौर पर यह संभावना बहुत कम होती है।

नमी भी निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका
आंधी-तूफान बनने के लिए केवल गर्मी ही पर्याप्त नहीं होती। वातावरण में पर्याप्त नमी का होना भी जरूरी है। मानसून और गर्मी के मौसम में समुद्र, नदियों और अन्य जल स्रोतों से लगातार नमी वातावरण में पहुंचती रहती है। दोपहर और शाम तक गर्म हवा और नमी का मेल वातावरण को अधिक अस्थिर बना देता है, जिससे बादल तेजी से विकसित होते हैं और तूफान की स्थिति बन सकती है।

बिजली और गरज क्यों होती है?
जब विशाल तूफानी बादलों के भीतर बर्फ के कण, पानी की बूंदें और वायु धाराएं आपस में टकराती हैं तो विद्युत आवेश उत्पन्न होता है। यह आवेश जब अत्यधिक बढ़ जाता है तो बिजली चमकती है और उसके बाद गरज की आवाज सुनाई देती है। इसी कारण अधिकांश गरज-चमक वाले तूफान भी दोपहर और शाम के समय अधिक देखने को मिलते हैं।

क्या सुबह कभी नहीं आती आंधी?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा नहीं है कि सुबह कभी आंधी नहीं आ सकती। यदि रात में बने तूफानी सिस्टम लंबे समय तक सक्रिय रहें या किसी बड़े मौसमीय तंत्र का प्रभाव हो तो सुबह भी तेज हवाएं, बारिश और आंधी देखी जा सकती है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में दोपहर और शाम का समय ही तूफान बनने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है।

जलवायु परिवर्तन से बदल रहे मौसम के पैटर्न
वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई क्षेत्रों में पहले की तुलना में अधिक तीव्र और अप्रत्याशित आंधी-तूफान देखने को मिल रहे हैं। बढ़ता तापमान वातावरण में अतिरिक्त ऊर्जा पैदा कर रहा है, जिससे भविष्य में मौसम संबंधी घटनाएं और अधिक प्रभावशाली हो सकती हैं।
आंधी-तूफान का दोपहर और शाम के समय अधिक आना पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है। दिनभर सूर्य की गर्मी से पृथ्वी की सतह गर्म होती है, जिससे वातावरण में ऊर्जा, नमी और अस्थिरता बढ़ती है। यही परिस्थितियां तेज हवाओं, गरज-चमक और आंधी-तूफान के निर्माण के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती हैं। इसलिए अधिकांश तूफान सुबह के बजाय दिन के बाद के हिस्से में देखने को मिलते हैं।
यह लेख मौसम विज्ञान और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। मौसम की वास्तविक स्थिति स्थान, समय और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। किसी भी मौसम संबंधी चेतावनी के लिए संबंधित मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी का पालन करें।

