By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर नगर निगम में शहर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने की पहल तेज हो गई है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम के सभागार कक्ष में ‘सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान’ (CLAP) के निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) आयोजित किया गया। दोपहर 1 बजे से शुरू हुई इस बैठक में शहर के विभिन्न वर्गों, व्यापारिक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

नगर आयुक्त के निर्देश पर आयोजित इस विशेष बैठक की अध्यक्षता महापौर और उपमहापौर ने संयुक्त रूप से की। बैठक का उद्देश्य झारखंड नगरीय प्रशासन निदेशालय, रांची द्वारा नियोजित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अर्बन प्लानिंग एंड डिजाइन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कालीकट’ के सहयोग से देवघर शहर के लिए एक प्रभावी और समावेशी आजीविका योजना तैयार करना था।
शहरी गरीबों और कमजोर वर्गों पर विशेष फोकस
बैठक में शहर के गरीब, बेरोजगार और कमजोर तबके के लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर गंभीर चर्चा की गई। इसके साथ ही कौशल विकास, स्वरोजगार प्रशिक्षण, बाजार उपलब्धता और सरकारी योजनाओं से जुड़ाव को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि देवघर तेजी से विकसित हो रहा शहर है और ऐसे में आजीविका से जुड़ी योजनाओं को जमीनी जरूरतों के अनुसार तैयार करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए गए ताकि CLAP योजना व्यवहारिक और प्रभावी बन सके।

व्यापारिक संगठनों ने रखे सुझाव
बैठक में चैम्बर ऑफ कॉमर्स, देवघर के उपाध्यक्ष पीयूष जायसवाल ने स्थानीय व्यापारिक ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शहर में छोटे उद्योगों और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने और रोजगारपरक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका मानना था कि अगर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो पलायन की समस्या भी कम होगी।

फुटपाथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की समस्याएं उठीं
फोकस ग्रुप डिस्कशन में देवघर फुटपाथ दुकानदार हॉकर्स संघ के अध्यक्ष दिलीप वर्णवाल और देवघर जिला फुटकर व्यापार संघ के सचिव पंकज कुमार ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने शहर में छोटे वेंडर्स और फुटपाथ दुकानदारों की आजीविका को सुरक्षित करने की मांग की। उनका कहना था कि कई छोटे व्यापारी आज भी स्थायी व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि स्ट्रीट वेंडर्स के लिए व्यवस्थित जोन, पहचान पत्र, सुरक्षा और स्वच्छ बाजार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।

महिला समूहों ने आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर
बैठक में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा हुई। दुर्गा स्वयं सहायता समूह की राखी देवी और सामुदायिक संसाधन सेवी (CRP) रीता देवी ने महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अगर उचित बाजार और प्रशिक्षण से जुड़ें तो वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। साथ ही महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी और डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

पहली बार गिग वर्कर्स और श्रमिकों को मिला मंच
इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार असंगठित क्षेत्र और गिग वर्कर्स को भी अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिला। गिग वर्कर रंजन कुमार साह ने ऑनलाइन डिलीवरी और अस्थायी कार्यों से जुड़े श्रमिकों की समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा, बीमा और स्थायी सहायता की आवश्यकता है। वहीं राजमिस्त्री राजेश साह ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षा उपकरण और श्रमिक कल्याण योजनाओं तक पहुंच आसान बनाने की मांग की।
पर्यावरण आधारित आजीविका पर भी चर्चा
नगर निगम के वरीय सफाई निरीक्षक सदाशिव जजवाड़े ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल आजीविका मॉडल पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन, रिसाइक्लिंग और स्वच्छता आधारित रोजगार के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। यदि इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।

सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय पर बनी रणनीति
बैठक में नगर मिशन प्रबंधक की मौजूदगी में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। इस दौरान यह तय किया गया कि विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लाभार्थियों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके लिए निगम स्तर पर एक प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया गया।
महापौर और उपमहापौर ने जताई उम्मीद
बैठक के अंत में महापौर और उपमहापौर ने संयुक्त रूप से कहा कि एनआईटी कालीकट जैसी प्रतिष्ठित संस्था के तकनीकी सहयोग से तैयार होने वाला ‘सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान’ देवघर के गरीब, जरूरतमंद और बेरोजगार लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा।
उन्होंने कहा कि बैठक में मिले सभी सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर योजना में शामिल किया जाएगा ताकि देवघर में रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक विकास को नई गति मिल सके।
ये लोग रहे उपस्थित
बैठक में नगर मिशन प्रबंधक कौशल किशोर, विशाल सिंह, हिमांशु शेखर, सामुदायिक संगठनकर्ता श्वेता कुमारी, स्मिता और कुमारी अलका सोनी सहित कई अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

