By: Mala Mandal
देवघर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साइबर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विवादित किशोर को निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड तथा दो प्रतिबंधित सिम कार्ड बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवघर के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस द्वारा की गई। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ साइबर अपराधी फर्जी तरीके से Flipkart, Amazon, Airtel Payment Bank और Google Pay/PhonePe के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को कंपनी का अधिकारी या कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे और कैशबैक, गिफ्ट कार्ड, बैंकिंग सुविधा या मोबाइल योजना का लालच देकर उन्हें अपने झांसे में लेते थे। इसके बाद लोगों से बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य जरूरी डिटेल हासिल कर ऑनलाइन ठगी की घटना को अंजाम देते थे।

साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक किशोर को निरुद्ध किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहनपुर थाना क्षेत्र निवासी 35 वर्षीय युवक के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि आरोपी फर्जी Google Pay, PhonePe और Paytm कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे। वे उपभोक्ताओं को कैशबैक या रिवॉर्ड प्वाइंट का लालच देकर उन्हें एक विशेष प्रक्रिया अपनाने को कहते थे। इसी दौरान आरोपियों द्वारा उपभोक्ताओं से फोन में एप डाउनलोड करवाना या गिफ्ट कार्ड रिडीम करने के नाम पर संवेदनशील जानकारी ली जाती थी।

इसके अलावा आरोपी Airtel Payment Bank के अधिकारी बनकर भी लोगों को निशाना बनाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी उपभोक्ताओं को यह कहकर डराते थे कि उनका बैंक खाता या सेवा बंद हो सकती है। फिर खाते को दोबारा सक्रिय करने के नाम पर उनसे ओटीपी और अन्य जानकारी प्राप्त कर ठगी की जाती थी।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिले हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या निजी जानकारी साझा न करें। पुलिस ने कहा कि कोई भी बैंक, मोबाइल कंपनी या डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगता है। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना को दें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और जिले में सक्रिय साइबर गिरोहों पर पैनी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

देवघर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और केवल अधिकृत वेबसाइट एवं एप का ही इस्तेमाल करें।
इस कार्रवाई में साइबर थाना देवघर की टीम के साथ अन्य पुलिस बल भी शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी साइबर थाना पुलिस की तत्परता की सराहना की है।

