By: Vikash Kumar (Vicky)

IIT Bombay News: आईआईटी बॉम्बे ने अपने छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत से जुड़े अपने शुरुआती बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। संस्थान ने माना कि घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले उससे जुड़े विवरणों को सार्वजनिक रूप से रखना उचित नहीं था। IIT बॉम्बे ने कहा है कि साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।
पुराने बयान को लेकर IIT बॉम्बे ने मांगी माफी
IIT बॉम्बे ने 21 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें संस्थान ने साहिल की मौत से संबंधित अपने पहले के संचार में कही गई बातों के लिए माफी मांगी।

संस्थान ने स्पष्ट किया कि घटना से पहले क्या हुआ था और किन परिस्थितियों में साहिल की मौत हुई, इसकी जांच अभी संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है। IIT बॉम्बे ने माना कि जांच पूरी होने और तथ्यों के आधिकारिक रूप से स्थापित होने से पहले घटनाक्रम को किसी विशेष तरीके से प्रस्तुत करना उचित नहीं था।
IIT बॉम्बे की यह माफी ऐसे समय में सामने आई है, जब छात्र साहिल की मौत को लेकर कैंपस में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन के सामने कई मांगें रखी गई हैं।
क्या था IIT बॉम्बे का शुरुआती बयान?
साहिल की मौत के बाद 19 सितंबर को IIT बॉम्बे ने एक बयान जारी किया था। संस्थान ने बताया था कि साहिल, जो एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष के छात्र थे, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाए गए थे।

संस्थान के शुरुआती बयान के अनुसार, साहिल ने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड करके उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी। IIT बॉम्बे ने यह भी कहा था कि इस मामले में उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। बयान के मुताबिक, मामले पर छात्र से इंस्ट्रक्टर, फैकल्टी एडवाइजर और विभागाध्यक्ष ने बातचीत की थी और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना का उनके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
हालांकि, बाद में इसी शुरुआती संचार को लेकर सवाल उठे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं था।
छात्रों ने उठाए कई सवाल
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रों ने संस्थान के सामने 18 मांगों का चार्टर रखा था। इनमें साहिल की मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच और शुरुआती बयान के लिए माफी जैसी मांगें भी शामिल थीं।

कुछ छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि किसी ऐसे छात्र के बारे में आरोप या परीक्षा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करना, जो अब अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मौजूद नहीं है, उचित प्रक्रिया के अनुरूप था या नहीं। यह छात्रों की ओर से उठाया गया सवाल है; मामले के तथ्यों और घटनाक्रम की अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
साहिल की मौत की जांच जारी
साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े मामले की जांच जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनकी मौत के बाद पुलिस स्तर पर जांच शुरू हुई और बाद में परिवार की शिकायत तथा अन्य आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे की परिस्थितियों और विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
साहिल के परिवार की ओर से संस्थान में कथित जाति-आधारित भेदभाव और दबाव से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। IIT बॉम्बे ने इन आरोपों से इनकार किया है और मामले की जांच जारी है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल जांच के अधीन दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

प्रोफेसर पर भी हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले में IIT बॉम्बे की ओर से प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से जुड़ी प्रशासनिक कार्रवाई भी सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोफेसर डूला की डीनशिप तत्काल प्रभाव से निलंबित की गई और आगे की कार्रवाई जांच के बाद किए जाने की बात कही गई। वह साहिल की परीक्षा के दौरान निरीक्षक की भूमिका में थे और परिवार की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में उनका नाम भी सामने आया है।
हालांकि, छात्रों की ओर से यह मांग भी उठाई गई कि कार्रवाई केवल प्रशासनिक पद तक सीमित न रहे। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

IIT बॉम्बे ने डायरेक्टर के इस्तीफे की खबर को बताया गलत
साहिल की मौत के मामले में विरोध के बीच IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई थीं। संस्थान ने 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है और इससे जुड़ी खबरों को गलत बताया।
इससे साफ है कि फिलहाल संस्थान के स्तर पर सबसे प्रमुख मुद्दा साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच और छात्रों की मांगों पर कार्रवाई है।

अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
IIT बॉम्बे की सार्वजनिक माफी के बाद अब मामले में जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो गई है। संस्थान ने खुद स्वीकार किया है कि घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में अंतिम तथ्य अभी जांच के जरिए स्थापित होने बाकी हैं।
इस पूरे मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी संवेदनशील घटना में शुरुआती जानकारी और जांच के बाद सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों के बीच अंतर हो सकता है। इसलिए साहिल की मौत के कारणों और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना उचित होगा।

फिलहाल IIT बॉम्बे ने अपने पुराने बयान के लिए माफी मांगते हुए कहा है कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े विवरणों को निर्धारित या परिभाषित करना अनुचित था। अब निगाहें जांच की आगे की प्रक्रिया और उसके आधिकारिक निष्कर्षों पर हैं।

