By: Mala Mandal
देवघर। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और उनकी खोई अथवा छूटी हुई वस्तुओं को वापस दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ पोस्ट जसीडीह ने एक बार फिर सराहनीय कार्य किया है। आरपीएफ जसीडीह की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेन में छूटे एक यात्री के काले रंग के ट्रॉली बैग को बरामद कर उसे सुरक्षित उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया। बैग मिलने के बाद यात्री ने आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई और सहयोग के लिए आभार जताया। मिली जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को यात्री सौम्यदीप डे, पिता-दिलीप कुमार डे, निवासी वार्ड नंबर 20, मीना बाजार, मधुपुर, देवघर (झारखंड), ट्रेन संख्या 12317 UP से यात्रा कर रहे थे। यात्री ट्रेन के S-2 कोच की बर्थ संख्या 76 पर सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उन्हें मधुपुर रेलवे स्टेशन पर उतरना था।

मधुपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने के दौरान यात्री जल्दबाजी में अपना काले रंग का ट्रॉली बैग ट्रेन के अंदर ही भूल गए। स्टेशन से उतरने के बाद जब उन्हें अपने बैग के ट्रेन में छूट जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रेलवे को दी। यात्री ने बिना देर किए रेल मदद 139 पर शिकायत दर्ज कराई और अपने सामान को बरामद कराने के लिए सहायता मांगी।
रेल मदद 139 पर शिकायत के बाद RPF ने की त्वरित कार्रवाई
शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ पोस्ट जसीडीह की टीम सक्रिय हुई। सूचना मिलने पर ASI कुमार साहिल ने आरपीएफ स्टाफ के साथ संबंधित ट्रेन को अटेंड किया। टीम ने यात्री द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ट्रेन में छूटे सामान की तलाश शुरू की। आरपीएफ टीम की तत्परता के कारण यात्री का काले रंग का ट्रॉली बैग बरामद कर लिया गया। बरामद बैग को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट जसीडीह लाया गया, जहां उसे नियमानुसार सुरक्षित रखा गया। इसके बाद यात्री को अपने सामान की बरामदगी की सूचना दी गई।

आरपीएफ की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि रेल मदद 139 के माध्यम से दर्ज कराई गई शिकायतों पर संबंधित सुरक्षा बल और रेलवे कर्मियों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है। यात्रियों के लिए रेल यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा के साथ-साथ किसी भी तरह की समस्या होने पर रेलवे की आधिकारिक सहायता व्यवस्था का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है।
शाम 5:50 बजे आरपीएफ पोस्ट पहुंचे यात्री
अपने छूटे हुए बैग की सूचना मिलने के बाद शिकायतकर्ता सौम्यदीप डे उसी दिन यानी 30 सितंबर 2026 को लगभग शाम 5:50 बजे आरपीएफ पोस्ट जसीडीह पहुंचे। वहां उन्होंने बरामद किए गए बैग की पहचान की। आरपीएफ की मौजूदगी में यात्री ने बैग को देखकर उसकी पहचान की और पुष्टि की कि यह उन्हीं का सामान है। इसके बाद बैग को खोलकर उसमें मौजूद सामान की भी जांच की गई। यात्री के अनुसार बैग के अंदर रखे सभी सामान सुरक्षित थे। बरामद किए गए ट्रॉली बैग और उसमें रखे सामान की अनुमानित कीमत करीब 2,200 रुपये बताई गई है। हालांकि सामान की कीमत से अधिक महत्वपूर्ण यात्री के लिए उसके निजी सामान का सुरक्षित वापस मिलना रहा।

सत्यापन और दस्तावेजीकरण के बाद किया गया सुपुर्द
आरपीएफ पोस्ट जसीडीह में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद यात्री के दस्तावेज और सामान से संबंधित जानकारी का उचित सत्यापन किया गया। पहचान की पुष्टि होने के बाद आवश्यक दस्तावेजीकरण और पावती की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद बरामद ट्रॉली बैग को उसके वास्तविक मालिक सौम्यदीप डे को ऑपरेशन अमानत के तहत सुपुर्द कर दिया गया। अपना सामान सुरक्षित वापस मिलने पर यात्री ने राहत की सांस ली और आरपीएफ जसीडीह की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

यात्रियों के लिए अहम संदेश
रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को अपने सामान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय यात्रियों को अपने बैग, मोबाइल, पर्स, दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान की दोबारा जांच कर लेनी चाहिए। कई बार जल्दबाजी या भीड़ के कारण यात्री अपना सामान ट्रेन में ही छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय यात्री रेलवे की सहायता व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस मामले में भी यात्री ने तत्काल रेल मदद 139 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरपीएफ जसीडीह की टीम ने कार्रवाई करते हुए सामान बरामद कर लिया।

ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ द्वारा यात्रियों के छूटे और बरामद सामान को उचित सत्यापन के बाद उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। जसीडीह आरपीएफ द्वारा की गई यह कार्रवाई रेल यात्रियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था और रेलवे की सहायता प्रणाली के प्रति भरोसा बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।

यात्री का सामान बरामद कर उसे सुरक्षित रूप से वापस सौंपे जाने की यह पूरी कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता को दर्शाती है। आरपीएफ की टीम ने न केवल ट्रेन में छूटे सामान को बरामद किया, बल्कि आवश्यक सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सही व्यक्ति तक पहुंचाया।

इस तरह 30 सितंबर 2026 को ऑपरेशन अमानत के तहत RPF पोस्ट जसीडीह ने एक यात्री के ट्रेन में छूटे ट्रॉली बैग को बरामद कर सुरक्षित उसके मालिक को सौंप दिया। यात्री के लिए यह राहत की बात रही कि उसके बैग में रखा सामान सुरक्षित मिला और उसे बिना किसी नुकसान के वापस प्राप्त हो गया।

