By: Mala Mandal
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा घोटाला मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में झारखंड CID ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले को राज्य की सबसे चर्चित भर्ती जांचों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

सूत्रों के अनुसार, CID अधिकारियों ने एल. ख्यांगते को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके बाद उनसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सवाल किए जा रहे हैं। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान लिए गए निर्णयों में उनकी क्या भूमिका रही और क्या नियमों का पूरी तरह पालन किया गया था।

JPSC परीक्षा घोटाला लंबे समय से विवादों में रहा है। अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों की ओर से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। आरोप लगाया गया था कि चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कई उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर मामले की जांच CID को सौंपी गई थी।
CID पहले भी इस मामले में कई अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। अब पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ को जांच का अहम चरण माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, चयन सूची तैयार करने की प्रक्रिया, इंटरव्यू, मूल्यांकन प्रणाली और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई थी या नहीं।
इस मामले में पहले भी कई दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है। जांच एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही है। यदि पूछताछ के दौरान कोई नई जानकारी सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

JPSC परीक्षा घोटाला झारखंड के लाखों युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मामला है। सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों की नजर इस जांच पर बनी हुई है। उनका मानना है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।

राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला लगातार चर्चा में है। विपक्ष सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसी कारण इस जांच पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर पूरी होती है तो इससे भर्ती प्रणाली में लोगों का विश्वास मजबूत होगा। साथ ही भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल CID की पूछताछ जारी है और एजेंसी इस मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार था और किन लोगों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर झारखंड के लाखों अभ्यर्थियों, राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में CID की जांच और पूछताछ से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि जांच में किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या अनियमितता के ठोस साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से चल रही पूछताछ को इस बहुचर्चित JPSC परीक्षा घोटाला मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।


