By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार मंगलवार को देवघर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि और करोड़ों श्रद्धालुओं के मंगलमय दर्शन की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई विभिन्न व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली।

मुख्य सचिव के मंदिर पहुंचने पर जिला प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका स्वागत किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें बाबा बैद्यनाथ के गर्भगृह में विशेष पूजा कराई गई। पूजा संपन्न होने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया तथा श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ा प्रत्येक कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा होना चाहिए ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं को सहज, सरल और सुगमता के साथ बाबा भोलेनाथ का दर्शन प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा महापर्व है। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी पुलिस पदाधिकारियों और सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि मेले में आने वाले प्रत्येक कांवरिया और श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से जलार्पण और दर्शन कर अपने गंतव्य तक लौटें।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की चोट या दुर्घटना का सामना नहीं करना पड़े। इसी उद्देश्य से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी की गई हैं। जिला प्रशासन लगातार इन व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है और जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल सहित अन्य देशों से भी पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक तैयारियां की गई हैं।

मुख्य सचिव ने श्राइन बोर्ड की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में पांच प्रमुख समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनमें श्रद्धालु, पंडा समाज, स्थानीय दुकानदार, राज्य सरकार तथा प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी वर्गों से लगातार संवाद बनाए रखना आवश्यक है ताकि उनकी समस्याओं, सुझावों और अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जा सके।

उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से लगातार फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं और इन सुझावों का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है। जहां भी सुधार की आवश्यकता महसूस होगी, वहां तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना था कि श्रावणी मेला की सफलता सभी संबंधित पक्षों के सामूहिक सहयोग और समन्वय पर निर्भर करती है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मंदिर परिसर, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान हर व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर बाबा मंदिर प्रशासन की ओर से मुख्य सचिव अविनाश कुमार को बाबा बैद्यनाथ की प्रतिमानात्मक तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने मंदिर प्रबंधन एवं जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से इस वर्ष भी श्रावणी मेला सफलतापूर्वक संपन्न होगा।

मुख्य सचिव के इस दौरे के दौरान उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मुख्य सचिव को श्रावणी मेला की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी।

श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु बेहतर अनुभव के साथ भगवान भोलेनाथ का दर्शन कर सके और झारखंड की सकारात्मक छवि पूरे देश में स्थापित हो।

