By: Mala Mandal
घर की बालकनी, छत या गार्डन में पौधे लगाना तो आसान है, लेकिन उन्हें हरा-भरा रखना और समय पर फूल-फल लाना कई बार मुश्किल हो जाता है। खासकर फूल वाले पौधों में अच्छी ग्रोथ के लिए लोग बाजार से महंगे फर्टिलाइजर और केमिकल खाद खरीदते हैं। हालांकि, घर में मौजूद कुछ किचन वेस्ट की मदद से भी पौधों के लिए पोषक तत्वों वाला घरेलू घोल तैयार किया जा सकता है। केले के छिलके को अक्सर लोग बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं, लेकिन इसमें पोटैशियम और कुछ अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर केले के छिलके से तैयार खाद पौधों की मिट्टी में पोषण जोड़ने में मदद कर सकती है। अगर इसमें एलोवेरा और थोड़ी मात्रा में गुड़ मिलाया जाए, तो घर पर एक आसान ऑर्गेनिक लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार किया जा सकता है।

केले के छिलके पौधों के लिए क्यों उपयोगी हैं?
केले के छिलके में पोटैशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं। पौधों में पोटैशियम कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है और पौधे की समग्र वृद्धि में मदद करता है। यही वजह है कि केले के छिलके से बनी घरेलू खाद को कई लोग फूल और फल देने वाले पौधों के लिए इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल केले के छिलके से पौधे को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते। पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी, धूप, पानी और अन्य पोषक तत्वों का संतुलन भी जरूरी है।

केले के छिलके से लिक्विड खाद बनाने के लिए चाहिए ये चीजें
घर पर यह घोल बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। इसके लिए 2 से 3 केले के छिलके, लगभग 1 लीटर पानी, 1 से 2 चम्मच एलोवेरा जेल और थोड़ी मात्रा में गुड़ लिया जा सकता है। एलोवेरा में कई प्राकृतिक यौगिक होते हैं और इसे पौधों की देखभाल में घरेलू तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। वहीं गुड़ सूक्ष्मजीवों के लिए कार्बन स्रोत की तरह काम कर सकता है। हालांकि, गुड़ की मात्रा ज्यादा डालना सही नहीं है।
सबसे पहले केले के छिलके छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें
सबसे पहले केले के छिलकों को पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। छोटे टुकड़े करने से छिलकों का पानी के संपर्क में आने वाला क्षेत्र बढ़ जाता है। अब एक साफ कंटेनर में करीब एक लीटर पानी लें और उसमें कटे हुए केले के छिलके डाल दें।

अब इसमें एलोवेरा जेल मिलाएं
इसके बाद इसमें लगभग एक से दो चम्मच ताजा एलोवेरा जेल डालें। एलोवेरा का इस्तेमाल बहुत ज्यादा मात्रा में करने की जरूरत नहीं है। अगर आपके पास घर में एलोवेरा का पौधा है, तो पत्ते से जेल निकालकर इस्तेमाल किया जा सकता है। जेल निकालने से पहले पत्ते को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।
थोड़ी मात्रा में गुड़ डालें
अब इस मिश्रण में थोड़ी मात्रा में गुड़ डालें और अच्छी तरह मिला दें। गुड़ की बहुत ज्यादा मात्रा डालने से घोल में अवांछित माइक्रोबियल गतिविधि या बदबू की समस्या हो सकती है, इसलिए कम मात्रा रखना बेहतर है। मिश्रण को ढककर कुछ समय के लिए रख सकते हैं। यदि इसे लंबे समय तक किण्वित करने की योजना है, तो कंटेनर को पूरी तरह एयरटाइट न करें और खराब गंध, फफूंद या असामान्य रंग दिखाई देने पर इसका इस्तेमाल न करें।

केले के छिलके का घोल सीधे पौधे में न डालें
यह सबसे जरूरी बात है। तैयार घोल को बिना पतला किए सीधे गमले की मिट्टी में डालने से बचें। घरेलू फर्टिलाइजर को पानी के साथ dilute करके इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। लगभग 1 भाग तैयार घोल में 5 से 10 भाग पानी मिलाकर पतला किया जा सकता है। पहली बार इस्तेमाल करते समय अधिक dilute घोल से शुरुआत करें और पौधे की प्रतिक्रिया देखें।
पौधों में केले के छिलके की खाद कैसे डालें?
घोल को सीधे पौधे की पत्तियों या फूलों पर डालने के बजाय मिट्टी में जड़ों के आसपास डालें। मिट्टी पहले से बहुत ज्यादा गीली हो तो तुरंत घोल डालने की जरूरत नहीं है। छोटे गमलों में थोड़ी मात्रा में ही लिक्विड खाद डालें। बड़े पौधों में भी जरूरत से ज्यादा खाद डालने से बचें। हर पौधे की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है।

कितनी बार इस्तेमाल करें?
इस तरह की घरेलू लिक्विड खाद को बहुत बार इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती। सामान्य तौर पर 2 से 4 सप्ताह के अंतर पर थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगें, मिट्टी से बदबू आने लगे, फफूंद दिखाई दे या पौधे की हालत खराब होने लगे तो इसका इस्तेमाल रोक दें।
फूल वाले पौधों में मिल सकता है फायदा
गुड़ और केले के छिलके से बने घोल को फूल वाले पौधों में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह दावा करना सही नहीं होगा कि इससे हर पौधे में निश्चित रूप से ढेरों फूल आ जाएंगे। फूल आने के लिए पौधे की प्रजाति, पर्याप्त धूप, सही पानी, मिट्टी की गुणवत्ता, तापमान और पोषक तत्वों का संतुलन महत्वपूर्ण होता है। गुलाब, गुड़हल, गेंदा और अन्य फूल वाले पौधों की जरूरतें भी एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं।

पौधों में ज्यादा खाद डालना भी हो सकता है नुकसानदायक
अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा खाद देने से पौधे तेजी से बढ़ेंगे और ज्यादा फूल आएंगे, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। जरूरत से ज्यादा फर्टिलाइजर मिट्टी में लवण की मात्रा बढ़ा सकता है और पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी घरेलू खाद को कम मात्रा से शुरू करना और पौधे की प्रतिक्रिया के अनुसार इस्तेमाल करना बेहतर है।
केले के छिलके सीधे मिट्टी में भी डाल सकते हैं?
केले के छिलकों को सीधे गमले की मिट्टी में डालना भी एक तरीका है, लेकिन उन्हें छोटे टुकड़ों में काटकर कंपोस्ट में डालना अधिक व्यावहारिक हो सकता है। ताजे छिलके सीधे गमले में अधिक मात्रा में डालने से बदबू, कीड़े या फफूंद की समस्या हो सकती है। अगर सीधे मिट्टी में डालना ही हो तो बहुत कम मात्रा में छोटे टुकड़े करके मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं और तने से कुछ दूरी रखें।

पौधों को सिर्फ खाद नहीं, इन चीजों की भी जरूरत
अगर आप चाहते हैं कि आपके पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहें, तो सिर्फ खाद पर निर्भर न रहें। पौधे की जरूरत के अनुसार पर्याप्त धूप दें, मिट्टी में पानी जमा न होने दें और गमले में ड्रेनेज होल जरूर रखें। समय-समय पर सूखी पत्तियों और खराब शाखाओं की छंटाई भी करें। कीट या फंगस दिखाई देने पर उसकी पहचान के अनुसार उचित उपचार करें।
घर के किचन वेस्ट को ऐसे करें इस्तेमाल
केले के छिलके के अलावा सब्जियों और फलों के कई जैविक अवशेषों को कंपोस्ट बनाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे घर का जैविक कचरा कम करने में भी मदद मिलती है। हालांकि, हर तरह के किचन वेस्ट को सीधे गमले में डालना सही नहीं है। नमक, तेल, मसाले या पका हुआ भोजन मिट्टी में डालने से बचना चाहिए।

केले के छिलके, एलोवेरा और थोड़ी मात्रा में गुड़ से घर पर कम लागत में पौधों के लिए एक घरेलू लिक्विड खाद तैयार की जा सकती है। केले के छिलके में मौजूद पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पौधों की पोषण जरूरतों में योगदान दे सकते हैं।
लेकिन इसे किसी चमत्कारी फर्टिलाइजर की तरह नहीं देखना चाहिए। पौधों में अच्छी ग्रोथ और फूलों के लिए सही धूप, पानी, मिट्टी, पोषक तत्व और पौधे की प्रजाति के अनुसार देखभाल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। घरेलू खाद का इस्तेमाल हमेशा कम मात्रा और सावधानी के साथ करें।
यह लेख सामान्य गार्डनिंग जानकारी और घरेलू पौधों की देखभाल के लिए है। हर पौधे की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू खाद का इस्तेमाल करने से पहले पौधे की प्रजाति और मिट्टी की स्थिति को ध्यान में रखें। अत्यधिक खाद या बिना पतला किया गया घोल पौधे को नुकसान पहुंचा सकता है। किसी पौधे में गंभीर बीमारी, फंगल संक्रमण या कीट समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

