By: Vikash Kumar (Vicky)
भारत के एस्सार ग्रुप ने अमेरिका में बड़े स्तर पर निवेश की योजना का ऐलान किया है। समूह अपनी अमेरिकी इकाई Mesabi Metallics के जरिए करीब 18 अरब डॉलर का निवेश करने जा रहा है। इस निवेश में सबसे प्रमुख हिस्सा आयोवा राज्य में प्रस्तावित करीब 15 अरब डॉलर के विशाल स्टील प्लांट का है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में इस परियोजना की घोषणा की। इस परियोजना को अमेरिका के स्टील उद्योग के लिए बड़ा औद्योगिक निवेश माना जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, आयोवा में बनने वाला प्लांट अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट हो सकता है। Mesabi Metallics के मुताबिक, परियोजना का लक्ष्य एक ऐसी घरेलू सप्लाई चेन तैयार करना है, जिसमें आयरन ओर की खदान से लेकर तैयार स्टील तक का उत्पादन अमेरिका के भीतर हो।

18 अरब डॉलर के निवेश में क्या शामिल है?
Essar Group का करीब 18 अरब डॉलर का निवेश केवल आयोवा के स्टील प्लांट तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 15 अरब डॉलर आयोवा में स्टील कॉम्प्लेक्स के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे, जबकि करीब 3 अरब डॉलर मिनेसोटा में आयरन-ओर माइन और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा करने में लगाए जाने हैं। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने संयुक्त निवेश को करीब 17.5 अरब डॉलर बताया है, जबकि कंपनी के अधिकारियों ने इसे लगभग 18 अरब डॉलर का निवेश बताया। इस तरह यह परियोजना एक एकीकृत स्टील उत्पादन मॉडल पर आधारित होगी। मिनेसोटा के Nashwauk क्षेत्र में मौजूद आयरन-ओर संसाधनों से कच्चा माल प्राप्त किया जाएगा और उसे आयोवा में प्रस्तावित स्टील प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद उसी कच्चे माल से तैयार स्टील का उत्पादन किया जाएगा।

सालाना 10 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य
Mesabi Metallics के प्रस्तावित आयोवा प्लांट की पूरी क्षमता विकसित होने के बाद सालाना करीब 10 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य बताया गया है। कुछ अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार शुरुआती चरण में उत्पादन क्षमता करीब 7.5 मिलियन टन प्रति वर्ष हो सकती है, जिसे आगे बढ़ाकर लगभग 10 मिलियन टन तक ले जाने की योजना है। इस प्लांट में आधुनिक स्टील उत्पादन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। परियोजना से जुड़े विवरण के अनुसार, मिनेसोटा से मिलने वाले आयरन ओर के साथ रिसाइकिल किए गए स्क्रैप स्टील का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अमेरिका में स्टील उत्पादन की घरेलू क्षमता बढ़ाने और कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक की सप्लाई चेन को मजबूत करने का लक्ष्य है।

हजारों नौकरियां पैदा होने की उम्मीद
इतने बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्माण चरण में 5,000 से 6,000 तक नौकरियां पैदा हो सकती हैं। वहीं परियोजना के संचालन के बाद आयोवा में कम से कम 1,700 स्थायी नौकरियों का अनुमान है। कुछ रिपोर्टों में मिनेसोटा की माइनिंग गतिविधियों को मिलाकर करीब 2,000 स्थायी मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग नौकरियों का भी उल्लेख किया गया है। इस परियोजना का असर केवल स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। निर्माण, परिवहन, खनन, इंजीनियरिंग, ऊर्जा और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि वास्तविक रोजगार और आर्थिक प्रभाव परियोजना के निर्माण तथा संचालन की प्रगति पर निर्भर करेगा।

2030 के आसपास शुरू हो सकता है उत्पादन
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आयोवा स्टील प्लांट में उत्पादन 2030 के आसपास शुरू होने का लक्ष्य है। हालांकि इतने बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में निर्माण, अनुमति, वित्तपोषण और अन्य प्रक्रियाओं के कारण समयसीमा में बदलाव संभव है। Mesabi Metallics के चेयरमैन Rewant Ruia ने परियोजना को अमेरिका में माइन से लेकर मिल तक एक पूरी तरह एकीकृत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। एस्सार समूह के सह-संस्थापक Ravi Ruia भी व्हाइट हाउस में हुई घोषणा के दौरान मौजूद थे।

अमेरिका में एस्सार की बड़ी औद्योगिक मौजूदगी
एस्सार ग्रुप लंबे समय से स्टील, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में कारोबार करता रहा है। समूह की अमेरिकी योजना का केंद्र अब मिनेसोटा की आयरन-ओर माइन और आयोवा के प्रस्तावित स्टील प्लांट को एक ही औद्योगिक श्रृंखला में जोड़ना है। एस्सार की अमेरिकी इकाई Mesabi Metallics इस परियोजना को आगे बढ़ा रही है। मिनेसोटा की खदान को अमेरिका में कई दशकों बाद शुरू होने वाली नई आयरन-ओर माइनिंग परियोजनाओं में से एक के रूप में भी बताया गया है। कंपनी की योजना इसी खनिज संसाधन को आयोवा में स्टील निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की है। इससे अमेरिका के भीतर कच्चे माल और तैयार स्टील के बीच एक एकीकृत औद्योगिक नेटवर्क तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

अमेरिका के स्टील सेक्टर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है परियोजना?
इस निवेश का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी सरकार घरेलू स्टील उत्पादन और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। अमेरिकी प्रशासन ने इस परियोजना को घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और स्टील सप्लाई चेन को मजबूत करने से जोड़ा है। परियोजना को अमेरिकी रक्षा और अन्य रणनीतिक उद्योगों के लिए घरेलू स्टील उपलब्ध कराने की क्षमता के संदर्भ में भी पेश किया गया है।
हालांकि परियोजना अभी निर्माण और विकास के चरण में है। इसलिए इसकी अंतिम लागत, उत्पादन क्षमता, रोजगार और आर्थिक प्रभाव परियोजना के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होंगे।

कुल मिलाकर, भारत के एस्सार ग्रुप का करीब 18 अरब डॉलर का अमेरिकी निवेश कंपनी के वैश्विक औद्योगिक विस्तार में एक बड़ा कदम है। इसमें आयोवा का करीब 15 अरब डॉलर का स्टील प्लांट और मिनेसोटा की आयरन-ओर माइन से जुड़ा निवेश शामिल है। यदि योजना निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो यह परियोजना अमेरिका में बड़े पैमाने पर एकीकृत आयरन-ओर से स्टील उत्पादन की नई औद्योगिक श्रृंखला तैयार कर सकती है।

