By: Mala Mandal
नई दिल्ली। देशभर में महंगाई के बीच आम लोगों और व्यापारियों को एक और झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस बार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 3,113.50 रुपये हो गई है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी क्रम में जून महीने की शुरुआत में कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर असर
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग व्यवसाय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। कीमतों में 42 रुपये की बढ़ोतरी से इन कारोबारों की लागत बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में गैस, बिजली और अन्य आवश्यक सेवाओं की लागत लगातार बढ़ी है। ऐसे में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से व्यवसाय चलाना और अधिक महंगा हो जाएगा।

अन्य महानगरों में भी बढ़ी कीमतें
दिल्ली के अलावा मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत अन्य महानगरों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों और परिवहन लागत के आधार पर कीमतों में अंतर देखा जाता है। तेल विपणन कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को देखते हुए यह संशोधन किया गया है। वैश्विक बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।

घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत
हालांकि इस बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपयोगकर्ताओं को राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे करोड़ों परिवारों को तत्काल राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में और वृद्धि होती है तो आने वाले महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमतों की भी समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचती नजर आ रही हैं।

महंगाई पर पड़ सकता है असर
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा। होटल और रेस्टोरेंट में भोजन की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इसके अलावा छोटे व्यवसायों की परिचालन लागत बढ़ने से महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है। आर्थिक जानकारों के अनुसार गैस कीमतों में वृद्धि सेवा क्षेत्र की लागत बढ़ाती है। यदि यह बढ़ोतरी लंबे समय तक जारी रहती है तो विभिन्न उत्पादों और सेवाओं की कीमतों में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

तेल कंपनियां क्यों बदलती हैं कीमतें?
एलपीजी सिलेंडर की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतें, आयात लागत, परिवहन खर्च, कर और डॉलर-रुपया विनिमय दर शामिल हैं। इन कारकों में बदलाव होने पर तेल कंपनियां समय-समय पर कीमतों की समीक्षा करती हैं। हर महीने की पहली तारीख को इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां नई दरें जारी करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत जून महीने के लिए नई कीमतों की घोषणा की गई है।

उपभोक्ताओं और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद व्यापारिक संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती लागत का असर व्यवसाय और ग्राहकों दोनों पर पड़ रहा है। कई व्यापारियों ने सरकार से राहत देने और करों में कटौती की मांग की है। दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है क्योंकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि लोगों को आशंका है कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर घरेलू सिलेंडर भी महंगा हो सकता है।
तेल कंपनियों द्वारा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 42 रुपये की बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है। दिल्ली में अब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3,113.50 रुपये हो गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन ऊर्जा बाजार की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर गैस कीमतों में और बदलाव संभव हैं।

