By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में अब बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मामले की जांच कर रही ठाणे पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना से मुख्य आरोपी की पत्नी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह केवल एक राज्य तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों तक फैले हुए हैं। इसी वजह से पुलिस लगातार अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है।

जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने की सूचना मिलने के बाद सरकार ने परीक्षा स्थगित कर दी थी। इसके बाद ठाणे पुलिस ने विशेष जांच शुरू की और शुरुआती जांच में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई। अब जांच के दौरान बिहार कनेक्शन सामने आने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

ठाणे पुलिस की टीम पटना पहुंची और वहां से मुख्य आरोपी की पत्नी को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि महिला से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पेपर लीक के लिए धन का लेनदेन किस प्रकार किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर लीक का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र को कथित तौर पर बड़ी रकम लेकर बेचने की योजना बनाई गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे सौदे की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक तय की गई थी। पुलिस अब इस आर्थिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

इस मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधानसभा और विधान परिषद में भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया गया। विपक्षी दलों ने कहा कि लगातार परीक्षा घोटालों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं और संगठित अपराध से जुड़े कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

पुलिस जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र आखिर किस स्तर पर लीक हुआ। शुरुआती जांच के अनुसार प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के दौरान लीक होने की आशंका जताई गई है। इसके बाद परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले में दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र के बीच सक्रिय एक अंतरराज्यीय गिरोह की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस लगातार डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इस बीच परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है। परीक्षा स्थगित होने से उम्मीदवारों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द नई परीक्षा तिथि घोषित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने भविष्य में राज्य की सभी सरकारी परीक्षाएं ऑनलाइन कराने की दिशा में भी कदम बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली अपनाने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।
फिलहाल ठाणे पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक जांच जारी रहेगी और जो भी व्यक्ति इस घोटाले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे देश की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक मामले की जांच पर टिकी हुई है।
