By: Mala Mandal
मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर महानगर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। भारी बारिश के चलते सड़कें जलमग्न हो गई हैं, रेलवे और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है तथा कई इलाकों में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक दर्दनाक हादसे में इमारत ढह जाने से छह लोगों की मौत हो गई। वहीं पूरे महाराष्ट्र में बारिश से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। दूसरी ओर नासिक जिले में बादल फटने की आशंका के बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, मानखुर्द क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण एक जर्जर इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी मौके पर पहुंच गई। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।

भारी बारिश के कारण मुंबई के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। स्थानीय ट्रेन सेवाओं पर भी बारिश का असर पड़ा, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और स्कूल-कॉलेज के छात्र लंबे समय तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और आसपास के इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। समुद्र में ऊंची लहरों की चेतावनी को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश ने व्यापक असर डाला है। विभिन्न जिलों से दीवार गिरने, पेड़ उखड़ने, बिजली गिरने और बाढ़ जैसी घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं में कई लोगों की जान गई है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है।
नासिक जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच बादल फटने जैसी स्थिति की आशंका जताई जा रही है। कई नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बारिश से प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, बिजली आपूर्ति बहाल करने तथा यातायात सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, आवश्यकता पड़ने पर ही बाहर निकलने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पुराने और जर्जर भवनों पर खतरा बढ़ जाता है। ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। नगर निकायों को भी ऐसे भवनों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पूरे महाराष्ट्र में मानसून का असर जारी है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर चेतावनी जारी कर रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
बारिश का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील की गई है।


