By: Mala Mandal
पटना/सिवान। NEET पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को बिहार बंद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के बीच सिवान जिले से सामने आई एक घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक जवान द्वारा AK-47 राइफल से हवाई फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
शनिवार को NEET पेपर लीक मामले की CBI जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बिहार के विभिन्न जिलों में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम, नारेबाजी और विरोध मार्च निकाला। सिवान जिले में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। इसी दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक जवान AK-47 से हवाई फायरिंग करता दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई सवाल उठे और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।

प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
वीडियो की प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना उचित परिस्थितियों के इस प्रकार हथियार का उपयोग स्वीकार्य नहीं है। पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो संबंधित जवान के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि भीड़ नियंत्रण के दौरान सीधे AK-47 से हवाई फायरिंग की जरूरत क्यों पड़ी। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। वीडियो के वायरल होने के बाद मामला राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया और विपक्ष ने भी सरकार से जवाब मांगा।

बिहार बंद के दौरान कई जगह प्रदर्शन
NEET पेपर लीक मामले को लेकर आयोजित बिहार बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन हुए। कई स्थानों पर सड़क जाम, रेल रोको और धरना-प्रदर्शन जैसी गतिविधियां देखने को मिलीं। कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की भी खबरें सामने आईं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

NEET पेपर लीक को लेकर बढ़ा आक्रोश
NEET पेपर लीक मामला पिछले कई महीनों से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता प्रभावित हुई है। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किए हैं। बिहार बंद भी इसी आंदोलन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

सुरक्षा बलों की भूमिका पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान सुरक्षा बलों को निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। ऐसे मामलों में बल प्रयोग केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही किया जाता है। इसलिए सिवान की घटना की जांच यह तय करेगी कि जवान द्वारा की गई कार्रवाई परिस्थितियों के अनुरूप थी या नहीं।

जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल संबंधित जवान को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने बिहार बंद के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


