By: Vikash Kumar (Vicky)
दुमका, झारखंड। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गोड्डा लोकसभा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। 22 अक्टूबर 2026 को दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत विरोधी विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। दुबे ने दावा किया कि देश में विभिन्न आंदोलनों के जरिए सरकार को कमजोर करने और भारत को विभाजित करने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, ये आरोप सांसद के अपने दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

विदेशी ताकतों से संबंध होने का लगाया आरोप
पत्रकारों से बातचीत में सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में चल रहे कुछ आंदोलनों के पीछे केवल घरेलू राजनीतिक कारण नहीं हैं, बल्कि इनके तार कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। दुबे ने अपनी प्रेसवार्ता के दौरान अमेरिकी कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों से संबंधित दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को गंभीरता से देखने की जरूरत है। उनका दावा था कि देश के भीतर सरकार बदलने के उद्देश्य से माहौल तैयार किया जा रहा है। भाजपा सांसद ने अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले दस वर्षों में करीब 270 बार विदेश गए हैं और सवाल उठाया कि इन यात्राओं के दौरान वे किन लोगों और संगठनों के संपर्क में रहे। इस संबंध में उनके बयान को राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जा रहा है। विदेश यात्राओं की संख्या और कथित संबंधों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

सोरोस फाउंडेशन और अन्य नेटवर्क का किया जिक्र
निशिकांत दुबे ने अपनी प्रेसवार्ता में चीन में स्थित बताए जाने वाले नेविल रॉय सिंघम, हवाला फंडिंग नेटवर्क, सोरोस फाउंडेशन और अमेरिकी सांसद इल्हान उमर का नाम लेते हुए विपक्ष की गतिविधियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इनसे जुड़े कथित नेटवर्क भारत में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के प्रयासों में भूमिका निभा सकते हैं। सांसद ने इसे सरकार बदलने की कथित अंतरराष्ट्रीय कोशिश से जोड़कर देखा। हालांकि, किसी विदेशी संगठन, व्यक्ति या राजनीतिक नेता का नाम लेना अपने आप में आपराधिक गतिविधि या साजिश का प्रमाण नहीं है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच, दस्तावेजी साक्ष्य और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा।

ऑनलाइन गेमिंग, क्रिप्टोकरेंसी और AI का भी उठाया मुद्दा
प्रेसवार्ता में सांसद दुबे ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिप्टोकरेंसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की इन क्षेत्रों से संबंधित नीतियों के कारण कुछ अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समूह और लॉबी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में रुचि रखते हैं। दुबे के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध, क्रिप्टोकरेंसी को वैध मुद्रा का दर्जा नहीं देने और AI के क्षेत्र में सरकारी नीतियों को लेकर कुछ समूहों की नाराजगी राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने विपक्ष पर ऐसे समूहों के हितों के लिए काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन क्षेत्रों में काम करने वाले वैश्विक समूहों और विपक्षी दलों के बीच किसी समन्वित साजिश का स्वतंत्र प्रमाण प्रेसवार्ता में सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को सांसद के राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

राहुल गांधी की उम्र पर भी कसा तंज
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की उम्र और उनकी सार्वजनिक छवि पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की उम्र 56 वर्ष है और वे जींस-शर्ट पहनकर खुद को युवा दिखाने की कोशिश करते हैं। दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि चार साल बाद राहुल गांधी 60 वर्ष के हो जाएंगे और वृद्धावस्था पेंशन की उम्र तक पहुंच जाएंगे। यह टिप्पणी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा रही। प्रेसवार्ता के दौरान सांसद ने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर निशाना साधते हुए विपक्ष की रणनीति को भी सवालों के घेरे में रखा।

बोले- सरकार बदलने का अधिकार सिर्फ जनता को
निशिकांत दुबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है और सरकार बदलने का अधिकार केवल जनता के पास है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा न तो आपातकाल जैसी व्यवस्था का समर्थन करती है और न ही चुनाव टालने की राजनीति में विश्वास रखती है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में चुनाव सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए जनता अपने प्रतिनिधियों और सरकार के बारे में फैसला करती है। उन्होंने कहा कि सत्ता में किसे रहना चाहिए और किसे नहीं, इसका निर्णय मतदाता करते हैं।भाजपा सांसद ने यह भी दावा किया कि कथित अंतरराष्ट्रीय साजिशों और विपक्ष की भूमिका से जुड़े मुद्दों को पार्टी जनता के बीच उठाएगी। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेदों का समाधान जनता के फैसले से होना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ सकता है विवाद
राहुल गांधी पर निशिकांत दुबे के इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। एक तरफ भाजपा सांसद ने विपक्ष की गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की स्थिरता से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे मामलों में आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस सबूत और निष्पक्ष जांच जरूरी है।लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, जबकि सत्तापक्ष अपनी नीतियों और फैसलों का बचाव करता है। लेकिन राजनीतिक बहस के दौरान लगाए गए गंभीर आरोपों को प्रमाणित तथ्यों से अलग रखना भी जरूरी है।

फिलहाल दुमका में हुई इस प्रेसवार्ता का मुख्य केंद्र राहुल गांधी की विदेश यात्राएं, कथित विदेशी संपर्क, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और देश में चल रहे राजनीतिक आंदोलनों को लेकर निशिकांत दुबे के आरोप रहे। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र रूप से सत्यापित साक्ष्य सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस खबर में विदेशी ताकतों से कथित मिलीभगत और देश को अस्थिर करने से संबंधित दावे भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के बयानों पर आधारित हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।


