By: Mala Mandal
देवघर। प्रवासी श्रमिक स्वर्गीय सुरेंद्र टुडू के परिवार को जिला प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने समाहरणालय सभागार में मृतक प्रवासी श्रमिक के आश्रित पिता चुड़का टुडू से मुलाकात की और उन्हें ₹50,000 की अनुग्रह राशि का चेक सौंपा। यह सहायता राशि मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष के तहत प्रदान की गई है।

इस दौरान उपायुक्त ने मृतक के पिता को ढांढस बंधाते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में जिला प्रशासन परिवार के साथ है और सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पीड़ित परिवार तक पहुंचाया जाएगा। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवार को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मृतक के परिवार को आवास योजना का लाभ अविलंब उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत मिलने वाले पारिवारिक लाभ समेत सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी परिवार को तत्काल जोड़ा जाए। प्रशासन का उद्देश्य परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि परिवार को भविष्य में आजीविका से जुड़ी परेशानियों का सामना कम करना पड़े।
मुंबई से जसीडीह लौटने के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र टुडू, पिता चुड़का टुडू, मुंबई से जसीडीह लौट रहे थे। इसी दौरान मध्य प्रदेश के बुरहानपुर और खंडवा रेलवे स्टेशनों के बीच अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनका दुखद निधन हो गया। यात्रा के दौरान उनके साथ उनके गांव के ही एक अन्य सह-यात्री बुधिनाथ मरांडी भी मौजूद थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद देवघर जिला प्रशासन ने मामले में सक्रियता दिखाई। प्रशासन की ओर से आवश्यक समन्वय और सहयोग करते हुए मृतक के पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से उनके पैतृक गांव देवघर लाने की प्रक्रिया में सहयोग किया गया।

जिला प्रशासन की इस पहल के तहत मृतक के आश्रित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। ₹50 हजार की राशि मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष के माध्यम से दी गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को सिर्फ तत्काल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पात्रता के अनुसार उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा।
प्रवासी श्रमिकों के लिए श्रमाधान पोर्टल पर निबंधन जरूरी
जिला प्रशासन ने इस घटना के माध्यम से जिले के सभी प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों से महत्वपूर्ण अपील भी की है। प्रशासन ने कहा है कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए श्रमाधान पोर्टल पर निबंधन बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष के तहत किसी अप्रिय घटना या दुर्घटना की स्थिति में पात्र आश्रितों को ₹50,000 की सहायता राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। हालांकि, इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रवासी श्रमिक का झारखंड सरकार के श्रमाधान पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाना जरूरी है।

जिला प्रशासन ने प्रवासी श्रमिकों से अपील की है कि वे रोजगार के सिलसिले में दूसरे राज्यों में जाने से पहले या वहां काम कर रहे होने की स्थिति में अपना आवश्यक पंजीकरण अवश्य कराएं। प्रशासन का कहना है कि पंजीकरण होने से किसी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित श्रमिक और उसके परिवार तक सरकारी सहायता पहुंचाने में सहूलियत होती है।

संकट के समय परिवार को मिल सकेगा सरकारी सहयोग
प्रशासन के मुताबिक, प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे श्रमिकों से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहती है। किसी दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में आश्रित परिवार को निर्धारित सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी मदद मिलती है।

उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने जिले के कामकाजी लोगों से अपील की है कि वे श्रमाधान पोर्टल पर अपना पंजीकरण जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

स्वर्गीय सुरेंद्र टुडू के मामले में भी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके आश्रित पिता को ₹50 हजार की अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई है। साथ ही परिवार को आवास, पारिवारिक लाभ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की इस पहल से पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर सहायता मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, श्रम अधीक्षक शैलेंद्र कुमार शाह, एडीएसएस और सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


