By: Mala Mandal
मधुपुर, 3 जुलाई। हावड़ा से जमुई जा रही ट्रेन संख्या 12303 पूर्वा एक्सप्रेस में शुक्रवार को एक महिला यात्री ने यात्रा के दौरान पुत्र को जन्म दिया। चलती ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने से कुछ देर के लिए यात्रियों के बीच चिंता का माहौल बन गया, लेकिन मधुपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी और रेलवे अस्पताल की चिकित्सा टीम की त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई से मां और नवजात को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। समय पर की गई इस कार्रवाई की यात्रियों ने भी सराहना की।

जानकारी के अनुसार हावड़ा से बिहार के जमुई जा रही पूर्वा एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों और रेलकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना मधुपुर स्टेशन के ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर ने बिना देर किए रेलवे अस्पताल, मधुपुर के सहायक मंडल चिकित्सा पदाधिकारी (एडीएमओ) को आवश्यक कार्रवाई के लिए मेमो जारी किया और मेडिकल टीम को तैयार रहने का निर्देश दिया।

जैसे ही पूर्वा एक्सप्रेस मधुपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, रेलवे प्रशासन पूरी तैयारी के साथ प्लेटफॉर्म पर मौजूद था। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट मधुपुर के एएसआई यू. मंडल अपने सहयोगी जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। उनके अलावा स्टेशन मास्टर, स्टेशन अधीक्षक, वाणिज्य विभाग के कर्मचारी, जीआरपी मधुपुर तथा रेलवे अस्पताल की चिकित्सा टीम भी तत्काल ट्रेन तक पहुंची।
पूरी चिकित्सा कार्रवाई रेलवे अस्पताल, मधुपुर के चिकित्सक डॉ. सनातन हाजरा के नेतृत्व में की गई। टीम जब ट्रेन के ए-2 कोच की बर्थ संख्या 23 पर पहुंची तो पाया कि महिला यात्री ने ट्रेन के भीतर ही सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दे दिया है। इसके बाद चिकित्सकों ने तुरंत मां और नवजात शिशु की स्वास्थ्य जांच की तथा आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। जांच के दौरान दोनों की स्थिति सामान्य पाई गई।
प्राथमिक उपचार के बाद महिला यात्री ने आगे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके बाद स्टेशन अधीक्षक के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल और मेडिकल टीम ने पूरी सावधानी के साथ प्रसूता और नवजात को ट्रेन से उतारा। रेलवे कर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि मां और बच्चे को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके बाद रेलवे अस्पताल की चिकित्सा टीम, आरपीएफ और जीआरपी की मौजूदगी में मां और नवजात को महिला के भाई मोहम्मद रियाज अंसारी के साथ एंबुलेंस से मधुपुर सदर अस्पताल भेजा गया। मोहम्मद रियाज अंसारी उसी ए-2 कोच की बर्थ संख्या 21 पर यात्रा कर रहे थे। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद प्रसूता और नवजात को प्रसूति वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

पूछताछ के दौरान महिला ने अपनी पहचान फरहा नाशिन (31 वर्ष), पति आफताब आलम, निवासी निमारंग, थाना जमुई, जिला जमुई (बिहार) के रूप में बताई। वह हावड़ा से अपने घर जमुई लौट रही थीं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार महिला का पीएनआर नंबर 6506015972 है। फिलहाल मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई है तथा चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार जारी है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी घटना में रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अस्पताल की टीम ने आपसी समन्वय के साथ बेहद तेजी से कार्रवाई की। यदि सूचना मिलने के बाद समय पर चिकित्सा दल मौके पर नहीं पहुंचता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। सभी विभागों की तत्परता के कारण प्रसूता और नवजात को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन में अचानक प्रसव होने के बाद कुछ समय के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने संयम बनाए रखा और मेडिकल टीम के आने तक स्थिति को संभाले रखा। मेडिकल टीम ने पहुंचते ही पूरे पेशेवर तरीके से मां और बच्चे की जांच कर आवश्यक उपचार दिया।

रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यह साबित किया कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए रेलवे की विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। मधुपुर स्टेशन पर जिस प्रकार रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, स्टेशन प्रबंधन और रेलवे अस्पताल की टीम ने मिलकर कार्रवाई की, उससे न केवल एक मां और नवजात की सुरक्षित देखभाल संभव हो सकी बल्कि यात्रियों का रेलवे व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत हुआ।

यह घटना रेलवे की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और कर्मचारियों की तत्परता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है। वर्तमान में सदर अस्पताल, मधुपुर में मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

