नई दिल्ली: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि पड़ोसी देश की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल (BrahMos Cruise Missile) की जद में है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी देश की भूमि या संप्रभुता पर कब्जा करने का इरादा नहीं रखता, लेकिन अगर कोई देश भारत की ओर बुरी नजर डालता है तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
“भारत अब नया भारत है”
राजनाथ सिंह ने कहा, “यह नया भारत है, जो केवल शब्दों से नहीं, बल्कि अपने दम पर जवाब देना जानता है। हमारी सेनाओं की ताकत, हमारे वैज्ञानिकों की उपलब्धियां और हमारी स्वदेशी रक्षा प्रणाली अब किसी भी खतरे से निपटने में सक्षम है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत की रक्षा नीति ‘आत्मरक्षा’ पर आधारित है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में भारत अपने हितों से समझौता नहीं करेगा।
ब्रह्मोस मिसाइल से बढ़ी भारत की शक्ति
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली दुनिया की सबसे तेज़ और सटीक क्रूज मिसाइलों में से एक है। इसकी मारक क्षमता 400 से 500 किलोमीटर तक है और अब इसके नए वर्जन की रेंज इससे भी ज्यादा बढ़ाई जा रही है। राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत न केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा में सक्षम है, बल्कि अब रक्षा उपकरणों का निर्यातक देश (Exporting Nation) भी बन चुका है। उन्होंने कहा, “आज भारत कई देशों को रक्षा उपकरण बेच रहा है, और यह आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा उदाहरण है।”
“पाकिस्तान को समझना चाहिए अपना हित”
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि आतंकवाद के रास्ते पर चलकर वह खुद अपनी बर्बादी को आमंत्रित कर रहा है। भारत आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि भारत की सीमाओं में घुसपैठ की कोशिश करना अब आसान नहीं रहा। हमारी सेना, हमारे जवान और हमारी तकनीक हर समय तैयार हैं। हमारी मिसाइलें और रक्षा प्रणाली दुश्मन की किसी भी नापाक हरकत का जवाब देने के लिए सक्षम हैं।”
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
राजनाथ सिंह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि अब भारत खुद के फाइटर जेट, युद्धपोत, मिसाइल सिस्टम और टैंक बना रहा है।
उन्होंने कहा, “आज हमारी रक्षा फैक्ट्रियां पहले से कहीं अधिक उत्पादन कर रही हैं। हमने 100 से ज्यादा रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें भारत में ही विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।”
वैश्विक मंच पर भारत की साख बढ़ी
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में हुई है। भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा साझेदार (Global Security Partner) के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें न केवल भारत की सीमाओं की सुरक्षा करती हैं, बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि भारत किसी भी खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
रक्षा मंत्रालय का फोकस: सीमाओं पर मजबूती
रक्षा मंत्रालय ने हाल के वर्षों में सीमावर्ती इलाकों में कई नए एयरबेस, रोड कनेक्टिविटी, और आधुनिक बंकर सिस्टम बनाए हैं। भारत अब सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट और ड्रोन तकनीक का उपयोग कर रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाएं दिन-रात सीमाओं की रक्षा में जुटी हैं। उन्होंने जवानों की सराहना करते हुए कहा, “हमारे सैनिक ही असली राष्ट्र नायक हैं, जिनकी वजह से भारत आज सुरक्षित है।”
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ दल भारत की सुरक्षा और सेना की उपलब्धियों पर सवाल उठाकर सैनिकों का मनोबल तोड़ने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा, “हम राजनीतिक मतभेद रख सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा पर कभी समझौता नहीं होना चाहिए। सेना का अपमान, राष्ट्र का अपमान है।”
पाकिस्तान के लिए सख्त संदेश
राजनाथ सिंह ने अपने भाषण के अंत में एक बार फिर पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर किसी ने हमारी भूमि या नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो भारत की ब्रह्मोस मिसाइलें यह सुनिश्चित करेंगी कि जवाब ऐसा होगा, जो याद रखा जाएगा।”
उन्होंने कहा कि भारत की नीति स्पष्ट है — “पहले बात, फिर जवाब”, लेकिन अगर कोई सीमा पार करेगा, तो भारत की जवाबी कार्रवाई इतिहास बन जाएगी।
राजनाथ सिंह का यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए सख्त संदेश है, बल्कि यह भारत की नई रक्षा नीति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। ब्रह्मोस मिसाइल भारत की वैज्ञानिक क्षमता और सामरिक शक्ति का प्रतीक बन चुकी है।
भारत अब किसी भी खतरे से पीछे हटने वाला नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है।

