By: Mala Mandal
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची में शुक्रवार को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आक्रोश यात्रा निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चार मंत्रियों के पुतले फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों के इस प्रदर्शन के बाद राजधानी का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। अभ्यर्थी लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं। रांची में पिछले कई दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच आक्रोश यात्रा को आंदोलन के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है।

भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार बढ़ रहा आक्रोश
झारखंड में JPSC और JSSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का असंतोष लगातार सामने आता रहा है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं ने हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालिया दिनों में रांची में छात्रों ने अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन किया है। इससे पहले भी अभ्यर्थियों ने मशाल जुलूस और विधानसभा मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए। रिपोर्टों के मुताबिक, आंदोलनकारी छात्रों की कुछ मांगों में परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग भी शामिल है।

आक्रोश यात्रा में उमड़ा छात्रों का हुजूम
शुक्रवार को निकाली गई आक्रोश यात्रा के दौरान छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए है। छात्र नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का विवाद सामने आने पर सबसे बड़ा नुकसान अभ्यर्थियों को होता है। छात्रों का कहना है कि सरकार को उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ठोस समाधान निकालना चाहिए।

चार मंत्रियों के पुतले फूंककर जताया विरोध
आक्रोश यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चार मंत्रियों के पुतले फूंके। पुतला दहन के जरिए छात्रों ने सरकार के प्रति अपना विरोध जताया और मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की।छात्रों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से अब बात नहीं बनेगी और उन्हें अपनी मांगों पर लिखित तथा ठोस कार्रवाई चाहिए।

विधानसभा मार्च के दौरान भी बढ़ा था तनाव
रांची में छात्र आंदोलन इससे पहले भी उस समय सुर्खियों में आया था, जब प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर मार्च करने के लिए आगे बढ़े थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। छात्रों ने अपनी मांगों पर कायम रहने की बात कही, जबकि प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।

सरकार से बातचीत के बावजूद नहीं निकला समाधान
छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के प्रयास भी हुए हैं। हालांकि, अब तक ऐसा कोई व्यापक समाधान सामने नहीं आया है जिससे आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो सके। रिपोर्टों के मुताबिक, आंदोलन लगातार कई दिनों तक जारी रहा और सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों के एक अन्य गुट के साथ भी बातचीत की तैयारी की थी। छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर स्पष्ट निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, सरकार के सामने भी चुनौती है कि वह छात्रों की शिकायतों का समाधान करते हुए परीक्षा व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों का भरोसा वापस कायम करे।

15 अगस्त को तिरंगा पदयात्रा का ऐलान
अब छात्रों ने आंदोलन के अगले बड़े कार्यक्रम के तौर पर 15 अगस्त को तिरंगा पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रस्तावित इस पदयात्रा को छात्र अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि तिरंगा पदयात्रा के जरिए वे देश और राज्य के सामने युवाओं से जुड़े रोजगार तथा परीक्षा व्यवस्था के मुद्दों को मजबूती से रखना चाहते हैं। छात्रों के अनुसार, उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना है।

तिरंगा पदयात्रा पर रहेगी प्रशासन की नजर
15 अगस्त को होने वाली प्रस्तावित तिरंगा पदयात्रा को लेकर प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। राजधानी रांची में पहले से ही छात्र आंदोलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के दिन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की संभावना है। छात्रों की ओर से भी पदयात्रा को शांतिपूर्ण रखने की अपील की जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ होने वाली यह यात्रा लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं की आवाज का संदेश देगी।

छात्रों की मांगों पर अब सरकार के अगले कदम का इंतजार
रांची में छात्र आंदोलन लगातार लंबा खिंचता जा रहा है। आक्रोश यात्रा और पुतला दहन के बाद अब 15 अगस्त की तिरंगा पदयात्रा ने आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया है। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई की जाए और अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए। वहीं, सरकार के सामने चुनौती है कि बातचीत के जरिए आंदोलन को समाप्त कराया जाए और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच भरोसा पैदा किया जाए।
फिलहाल, रांची में छात्रों का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। आक्रोश यात्रा के बाद 15 अगस्त को प्रस्तावित तिरंगा पदयात्रा पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। यह पदयात्रा कितनी बड़ी होगी और सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

रांची में छात्रों की आक्रोश यात्रा, चार मंत्रियों के पुतला दहन और 15 अगस्त की तिरंगा पदयात्रा के ऐलान ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे आंदोलन को और चर्चा में ला दिया है। अब छात्रों और सरकार के बीच संवाद से समाधान निकलता है या आंदोलन का दायरा और बढ़ता है, इस पर सभी की नजर है।

