By: Mala Mandal
समस्तीपुर। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब की तस्करी करने वाले लोग नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला समस्तीपुर रेलवे स्टेशन का है, जहां शराब तस्करों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए ट्रेन के फर्स्ट AC कोच का सहारा लिया। हालांकि, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेल पुलिस (GRP) की सतर्कता के कारण उनकी योजना नाकाम हो गई। टीम ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच से 75 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में एक युवक और युवती को गिरफ्तार किया गया है।

फर्स्ट AC कोच में छिपाकर ले जा रहे थे शराब
जानकारी के मुताबिक, शराब तस्करी की सूचना मिलने के बाद RPF, GRP और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने समस्तीपुर जंक्शन पर विशेष जांच अभियान चलाया। इसी दौरान स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच की तलाशी ली गई। जांच के दौरान संदिग्ध सामान की जांच करने पर भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। तस्करों ने इस बार सामान्य डिब्बों के बजाय फर्स्ट AC जैसे प्रीमियम कोच को चुना था। माना जा रहा है कि उन्हें उम्मीद थी कि महंगे कोच में जांच की संभावना कम होगी और वे आसानी से शराब की खेप बिहार तक पहुंचा देंगे। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता से पूरा मामला सामने आ गया।

75 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो लोग गिरफ्तार
रेलवे पुलिस की कार्रवाई में कुल 75 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। मामले में एक युवक और युवती को हिरासत में लिया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस जगह पहुंचाया जाना था।
जांच एजेंसियां अब शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो अलग-अलग माध्यमों से बिहार में शराब की सप्लाई करता है।

बिहार में शराबबंदी के बाद बढ़ी चुनौतियां
बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद राज्य में अवैध शराब की सप्लाई प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। शराब माफिया लगातार नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती देने की कोशिश करते हैं।
कभी सड़क मार्ग से तो कभी ट्रेनों के जरिए शराब पहुंचाने की कोशिश की जाती है। समस्तीपुर का यह मामला भी इसी तरह की तस्करी का उदाहरण है, जहां तस्करों ने VIP सफर का सहारा लेकर शराब पहुंचाने की कोशिश की।

रेलवे मार्गों पर बढ़ाई गई निगरानी
रेलवे के जरिए शराब तस्करी रोकने के लिए RPF और GRP लगातार अभियान चला रही है। खासकर बिहार आने वाली ट्रेनों में संदिग्ध यात्रियों और सामानों की जांच की जा रही है। समस्तीपुर जंक्शन पर हुई कार्रवाई से यह साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां गुप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ट्रेनों और रेलवे परिसरों में जांच अभियान जारी रहेगा।

तस्करी के नए तरीकों पर पुलिस की नजर
शराब तस्कर अब पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। लग्जरी गाड़ियों, ट्रेन के आरक्षित कोच और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर शराब पहुंचाने की कोशिश की जाती है। लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी ऐसे मामलों को रोकने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव कर रही हैं। समस्तीपुर में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का किसी बड़े शराब सिंडिकेट से संबंध है या नहीं। पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

समस्तीपुर में फर्स्ट AC कोच से 75 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी ने शराब तस्करों के नए तरीके का खुलासा किया है। तस्करों ने VIP अंदाज में शराब पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन RPF और GRP की सतर्कता के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर शराब तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।



