By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 18 जून 2026 को पूरे कारोबारी सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन दिनभर निवेशकों की सतर्कता के कारण बढ़त टिक नहीं सकी। अंत में सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। वैश्विक संकेतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच बाजार ने संतुलित प्रदर्शन किया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 77,210 अंक के आसपास और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी लगभग 24,110 अंक के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हालांकि दिनभर दोनों प्रमुख सूचकांकों में कई बार तेजी और गिरावट का दौर देखने को मिला।

बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह
बाजार पर सबसे बड़ा असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर दिए गए सख्त संकेतों का रहा। निवेशकों को आशंका है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रह सकती हैं। इससे विदेशी निवेशकों की रणनीति प्रभावित हो सकती है और उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक रही। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होने से महंगाई और आयात बिल पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी। इसी कारण बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली। किन सेक्टरों में रही तेजी? आज के कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, टेक्सटाइल और कुछ मिडकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। छोटे और मझोले शेयरों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे व्यापक बाजार को समर्थन मिला।

आईटी शेयरों पर दबाव
आईटी सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों पर निर्भर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। ऊंची ब्याज दरों की आशंका के कारण इस सेक्टर में दबाव बना रहा। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है। यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ती है तो बाजार में फिर तेजी लौट सकती है। वहीं अमेरिका की ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

आगे क्या देखें?
आने वाले कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की चाल, रुपये की स्थिति और वैश्विक बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर गुणवत्ता वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश की सलाह दी जा रही है।

18 जून 2026 का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंत में बाजार ने स्थिरता दिखाई। सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ लगभग सपाट बंद हुए। तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को सहारा दिया, जबकि अमेरिकी फेड के सख्त रुख ने तेजी पर अंकुश लगाया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत ही भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे।



