By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने मेला क्षेत्र में स्थित सभी खुदरा उत्पाद दुकानों (शराब दुकानों), बार एवं रेस्तरां को पूरे मेला अवधि के दौरान बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 30 जुलाई 2026 से श्रावणी मेला के शुभारंभ के साथ लागू होगा और 28 अगस्त 2026 को मेला समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।

जिला प्रशासन का मानना है कि श्रावणी मेला के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक वातावरण, कानून-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मेला क्षेत्र में शराब की बिक्री और परोसने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार मेला क्षेत्र में संचालित सभी लाइसेंसधारी खुदरा उत्पाद दुकानें, बार एवं रेस्तरां निर्धारित अवधि तक पूर्णतः बंद रहेंगे। इस दौरान किसी भी प्रकार से शराब की बिक्री, भंडारण, वितरण अथवा परोसने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी दुकानदार, बार संचालक अथवा रेस्तरां संचालक के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 26 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेला अवधि के दौरान कोई दुकान खुली पाई जाती है या अवैध रूप से शराब की बिक्री अथवा परोसने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उसके लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके लिए उत्पाद विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से निगरानी अभियान चलाएंगे।

श्रावणी मेला भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस दौरान प्रतिदिन लाखों कांवरिया और श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन हर वर्ष विशेष सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं लागू करता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान शराब की उपलब्धता से सामाजिक अशांति, अव्यवस्था तथा अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में मेला क्षेत्र को पूरी तरह नशामुक्त बनाए रखना आवश्यक है ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें। यह कदम देवघर की धार्मिक गरिमा और बाबा बैद्यनाथ धाम की पवित्रता को बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने सभी शराब दुकानदारों, बार एवं रेस्तरां संचालकों को आदेश का अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशासन ने आम नागरिकों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या परोसने की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन या पुलिस को इसकी जानकारी दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। इससे श्रावणी मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन पहले से ही सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, अग्निशमन, पार्किंग, नियंत्रण कक्ष और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यापक तैयारी कर रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि देवघर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

देवघर की पहचान आस्था और अध्यात्म की नगरी के रूप में पूरे देश में है। ऐसे में प्रशासन चाहता है कि श्रावणी मेला पूरी गरिमा, अनुशासन और धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हो। मेला क्षेत्र में शराब बिक्री पर प्रतिबंध का यह निर्णय भी उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने पुनः सभी संबंधित व्यवसायियों और नागरिकों से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और श्रावणी मेला 2026 को सफल बनाने में अपना सक्रिय सहयोग दें।

