By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर झारखंड सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महापर्व को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में रविवार को देवघर के सर्किट हाउस में पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देवघर और दुमका जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आगामी 31 जुलाई से शुरू होने जा रहे श्रावणी मेला को लेकर सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पिछले वर्ष की कमियों और खामियों से सीख लेते हुए इस बार और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर समन्वय के साथ कार्य करना जरूरी है।

मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह झारखंड की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल देश-विदेश से लाखों कांवरिया देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ धाम में जल अर्पण करते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
बैठक में विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें जलार्पण की सुगमता, मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाएं और ठहरने की व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं और किसी भी तरह की कमी न रह जाए।

मंत्री ने यह भी कहा कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए।
बैठक में खजुरिया में प्रस्तावित फुटओवर ब्रिज (FOB) के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुका है, हालांकि इसमें कुछ आवश्यक संशोधन किए जाने हैं। उन्होंने स्थानीय उपायुक्त को निर्देश दिया कि वे इसकी समीक्षा कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके। यह फुटओवर ब्रिज श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसके अलावा, मंत्री ने साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में नियमित सफाई अभियान चलाया जाए और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था हो। साथ ही, अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना कर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन द्वारा ठहरने की भी व्यापक व्यवस्था की जाती है। धर्मशालाओं, टेंट सिटी और अस्थायी आवासों की व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि इन व्यवस्थाओं की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि मेले के दौरान सड़कों पर अत्यधिक भीड़ रहती है, ऐसे में ट्रैफिक प्लानिंग पहले से तैयार की जाए और उसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। इसके साथ ही, पार्किंग की व्यवस्था भी व्यवस्थित होनी चाहिए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे और समय-समय पर समीक्षा बैठक कर तैयारियों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला की सफलता के लिए सभी विभागों का एकजुट होकर काम करना आवश्यक है।

गौरतलब है कि श्रावणी मेला के दौरान हर दिन लाखों कांवरिया देवघर पहुंचते हैं। ये श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और जल अर्पण करते हैं। यह यात्रा आस्था, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण होती है। ऐसे में प्रशासन का प्रयास रहता है कि श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं।
कुल मिलाकर, इस बार का श्रावणी मेला और भी व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह से तत्पर नजर आ रहे हैं। मंत्री की इस समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

