By: Vikash, Mala Mandal
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है।

शनिवार को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में देश का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री अधिक है। यह तापमान न केवल इस सीजन का बल्कि पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड के करीब माना जा रहा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है।

दिल्ली-एनसीआर में भी हालात कम गंभीर नहीं हैं। राजधानी में तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। गर्म हवाएं और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़कें दोपहर के समय लगभग खाली नजर आ रही हैं। वहीं, अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

राजस्थान के कई शहर जैसे जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। यहां तापमान 46 से 48 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार गर्मी का प्रभाव सामान्य से अधिक है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय न होना और लगातार शुष्क हवाओं का बहना है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन भी तापमान में इस असामान्य वृद्धि का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

सरकार और प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
स्कूलों के समय में बदलाव किया जा रहा है और कुछ जगहों पर छुट्टियां भी घोषित कर दी गई हैं। वहीं, निर्माण कार्यों और मजदूरों के काम के समय में भी बदलाव किया गया है ताकि उन्हें गर्मी से बचाया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि हीट वेव के दौरान शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है। ORS, नींबू पानी, नारियल पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, सिर को ढककर रखना और सीधी धूप से बचना जरूरी है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की आंधी या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

इस भीषण गर्मी ने एक बार फिर से जलवायु परिवर्तन के खतरे को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस तरह की गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है, जिससे निपटने के लिए अभी से ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल, लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। गर्मी से बचाव ही इस समय सबसे बड़ा उपाय है।

