By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड के देवघर जिले स्थित चरकी पहाड़ी रिमांड होम में एक युवती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद युवती को आनन-फानन में देवघर सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

रिमांड होम में थी युवती
परिजनों के अनुसार मृत युवती प्रेम प्रसंग से जुड़े एक मामले में न्यायालय के आदेश पर चरकी पहाड़ी स्थित रिमांड होम में रह रही थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से वहीं रखी गई थी। परिवार के लोगों का कहना है कि युवती पूरी तरह सामान्य थी और उससे हाल के दिनों में बातचीत भी हुई थी, जिससे किसी प्रकार की मानसिक परेशानी की जानकारी नहीं मिली थी।

सुबह मिली मौत की सूचना
परिवार के सदस्यों ने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्हें अचानक फोन कर सूचना दी गई कि युवती की तबीयत खराब हो गई है और बाद में उसकी मौत हो गई है। यह खबर मिलते ही परिजन तुरंत रिमांड होम पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उन्हें युवती से मिलने या स्थिति देखने की अनुमति नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें काफी देर तक बाहर ही रोका गया, जिससे उनकी शंका और गहरा गई। बाद में जब शव को अस्पताल ले जाया गया, तब जाकर परिवार के लोगों को जानकारी मिल सकी।

कर्मियों ने बताया आत्महत्या का मामला
रिमांड होम के कर्मचारियों की ओर से परिजनों को बताया गया कि युवती ने बाथरूम में दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कर्मचारियों का दावा है कि घटना सुबह के समय हुई और जैसे ही जानकारी मिली, तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इस दावे पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
मृतका के परिवार का आरोप है कि युवती के गले पर खरोंच के निशान पाए गए हैं, जबकि फांसी लगाने से बनने वाला स्पष्ट फंदे का निशान मौजूद नहीं था। परिजनों का कहना है कि यदि आत्महत्या हुई होती तो गले पर फंदे के निशान स्पष्ट दिखाई देते। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि “यह आत्महत्या नहीं हो सकती। शरीर पर जो निशान हैं, उससे साफ लगता है कि युवती के साथ मारपीट की गई है। हमलोगों को पूरा शक है कि उसकी हत्या की गई है और मामले को दबाने की कोशिश हो रही है।”
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल में जुटी रही भीड़
घटना की सूचना मिलते ही देवघर सदर अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन और स्थानीय लोग मामले को लेकर आक्रोशित दिखे। अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी बन गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस का कहना है कि रिमांड होम के कर्मचारियों, अधिकारियों और वहां मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल की जांच भी की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर मानी जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि युवती की मौत फांसी से हुई या किसी अन्य कारण से।
विशेषज्ञों के अनुसार, आत्महत्या और हत्या के मामलों में गले के निशान, शरीर पर चोट के संकेत और अन्य मेडिकल साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पुलिस मेडिकल टीम की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

रिमांड होम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद चरकी पहाड़ी रिमांड होम की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी संरक्षित केंद्र में इस तरह की घटना होती है तो यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला हो सकता है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक परिवार न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामला गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

