By: Mala Mandal
देवघर, 30 मई। झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी के साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर यह जानकारी प्राप्त हुई थी कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ साइबर अपराधी फर्जी पहचान के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी अभियान चलाया और एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी लोगों को Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर कॉल करता था। वह उपभोक्ताओं को कैशबैक, रिवॉर्ड या तकनीकी समस्या के समाधान का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पहले लोगों का विश्वास जीतता और फिर उन्हें विभिन्न प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए कहता था। इसी दौरान वह बैंकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल कर लेता था, जिसके बाद लोगों के खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

गिफ्ट कार्ड और रिडीम कोड के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी का एक तरीका यह भी था कि वह लोगों को PhonePe Gift Card बनाने और उसे Redeem करने का लालच देता था। इसके अलावा वह डिजिटल पेमेंट बैंक के अधिकारी के रूप में खुद को प्रस्तुत कर उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिलने का दावा करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी Airtel Thanks App से जुड़े बैंक कार्ड को बंद होने की बात कहकर लोगों को डराता था। इसके बाद कार्ड को पुनः सक्रिय करने या सहायता प्रदान करने के नाम पर उनसे गोपनीय जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था।

पीएम किसान योजना और लोन दिलाने का भी देता था झांसा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी केवल डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के नाम पर ही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधा का भी सहारा लेता था। वह लोगों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने तथा आसान लोन उपलब्ध कराने का झांसा देकर मोबाइल नंबरों के माध्यम से संपर्क करता था। इस दौरान वह फर्जी दस्तावेज और भ्रामक सूचनाओं का उपयोग कर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था। ग्रामीण और कम जागरूक लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया जाता था।

छापेमारी में बरामद हुए मोबाइल और सिम कार्ड
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किन-किन लोगों से संपर्क में था और उसने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर अपराध से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। बरामद मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील
देवघर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, कैशबैक ऑफर, कस्टमर केयर सहायता, गिफ्ट कार्ड या बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों पर भरोसा न करें। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने लोगों से कहा है कि यदि कोई व्यक्ति डिजिटल भुगतान सेवा, बैंक या सरकारी योजना के नाम पर फोन कर जानकारी मांगता है तो उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दी जा सकती है।
देवघर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

