By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड के देवघर जिले के सारवा गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान प्रहलाद सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुँचा। चतरा में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई।

प्रहलाद सिंह के पार्थिव शरीर के सारवा पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। लोगों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। हर कोई अपने इस वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए व्याकुल नजर आया। गांव की महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने नम आंखों से अपने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद प्रहलाद सिंह की अंत्येष्टि पूरे राजकीय सम्मान के साथ की गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीणों की उपस्थिति रही। अंतिम यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “शहीद अमर रहें” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। लोगों ने अपने इस वीर जवान को पूरे सम्मान और गर्व के साथ अंतिम विदाई दी।
बताया जा रहा है कि प्रहलाद सिंह सशस्त्र सीमा बल में तैनात थे और उनकी ड्यूटी चतरा जिले में लगी हुई थी। ड्यूटी के दौरान ही उन्हें गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे जिले में शोक की लहर फैल गई। प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दिया।

शहीद के परिवार पर इस दुखद घटना का गहरा असर पड़ा है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके परिजन बार-बार यही कह रहे हैं कि उन्होंने देश के लिए अपना सबसे अनमोल बेटा खो दिया। गांव के लोगों ने भी परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
इस मौके पर पूर्व मंत्री रणधीर सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने शहीद प्रहलाद सिंह की शहादत को अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि देश ऐसे वीर सपूतों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि प्रहलाद सिंह ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो पूरे समाज और राष्ट्र के लिए गर्व की बात है।

रणधीर सिंह ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन को चाहिए कि शहीद के परिवार को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में शहीद प्रहलाद सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को याद किया। इस दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रहलाद सिंह बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रखते थे। वे हमेशा सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करने का सपना देखते थे, जिसे उन्होंने साकार भी किया। उनकी शहादत से गांव के युवाओं में देशभक्ति की भावना और मजबूत हुई है। कई युवाओं ने कहा कि वे भी प्रहलाद सिंह से प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए आगे बढ़ेंगे।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। हर कोई इस वीर जवान की शहादत को याद कर भावुक हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

प्रहलाद सिंह की शहादत एक बार फिर यह साबित करती है कि देश की सुरक्षा में लगे जवान किस तरह अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते। उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
शहीद की अंतिम विदाई के साथ ही पूरा सारवा गांव गमगीन माहौल में डूब गया। हर किसी की जुबान पर यही शब्द थे – “शहीद प्रहलाद सिंह अमर रहें”।

