By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर एयरपोर्ट परिसर में आज एयरफील्ड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटी (AEMC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षित, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त वातावरण बनाए रखने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त, देवघर द्वारा की जानी थी, लेकिन अन्य शासकीय कार्यों में व्यस्तता के कारण अपर उपायुक्त (ADC), देवघर ने इसकी अध्यक्षता की।

बैठक में एयरपोर्ट निदेशक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित प्राधिकरणों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान एयरपोर्ट निदेशक ने एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और विमान संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

बैठक का मुख्य फोकस अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की आवश्यकता और उसके प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने पर रहा। अपर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि एयरपोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पहले NOC लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आम जनता को जागरूक करने के लिए होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर और विभिन्न प्रकाशनों के माध्यम से अभियान चलाया जाना चाहिए।

एयरपोर्ट निदेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की आधिकारिक वेबसाइट nocas2@aai.aero के माध्यम से कोई भी व्यक्ति NOC से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इस पोर्टल के जरिए प्रस्तावित भवन या संरचना की अनुमत ऊंचाई (Permissible Height) का आकलन भी किया जा सकता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
उन्होंने आगे बताया कि वेबसाइट पर उपलब्ध CCZM (Colour Coded Zoning Map) एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों को अलग-अलग रंगों में दर्शाता है। इसमें रेड ज़ोन उन क्षेत्रों को इंगित करता है जहां निर्माण के लिए NOC लेना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों की अनदेखी करता है और बिना अनुमति निर्माण करता है, तो भविष्य में उस निर्माण को हटाने (डिमोलिशन) की कार्रवाई भी की जा सकती है।

बैठक में एयरपोर्ट के आसपास अवैध गतिविधियों को रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया। अपर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार के बूचड़खाने का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि इस तरह की गतिविधियों से पक्षियों की संख्या बढ़ती है, जो विमान संचालन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
इसके साथ ही कूड़ा-कचरा प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास कहीं भी कचरा जमा नहीं होने दिया जाएगा और न ही उसे खुले में फेंकने की अनुमति होगी। कचरे के कारण पक्षियों की गतिविधि बढ़ती है, जिससे ‘बर्ड हिट’ जैसी घटनाओं की आशंका रहती है, जो विमान यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

बैठक में अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) को व्यवस्थित और नियंत्रित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वे कचरे के उचित संग्रहण, परिवहन और निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि एयरपोर्ट की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
अपर उपायुक्त ने सभी विभागों और प्राधिकरणों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाना जरूरी है।

बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, समय-समय पर ऐसी बैठकों का आयोजन कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी, ताकि देवघर एयरपोर्ट का संचालन सुरक्षित, सुचारु और पर्यावरण के अनुकूल बना रहे।
यह बैठक देवघर एयरपोर्ट के विकास और सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि यदि सभी संबंधित विभाग मिलकर कार्य करें और आम जनता भी नियमों का पालन करे, तो एयरपोर्ट को एक आदर्श और सुरक्षित विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

