By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड के देवघर जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की लगातार मांग और प्रयासों के बाद जिला प्रशासन ने कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। उपायुक्त देवघर से अनुमोदन मिलने के उपरांत सिविल सर्जन देवघर द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।

इस निर्णय के तहत जिले में कार्यरत लगभग 350 एनएचएम कर्मियों के मानदेय में 5 प्रतिशत से लेकर 8 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी वर्ष 2024-25 के दौरान किए गए कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर तय की गई है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सबसे पहले दिनांक 09 फरवरी 2026 को एक औपचारिक मांग पत्र देकर मानदेय वृद्धि और बकाया भुगतान की मांग उठाई थी। इसके बाद भी जब इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई तो संघ ने पुनः 23 मार्च 2026 को स्मार पत्र सौंपते हुए अपनी मांग को दोहराया। संघ के लगातार दबाव और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन देवघर ने त्वरित कार्रवाई की।
सिविल सर्जन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मानदेय वृद्धि कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन और मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है, उन्हें अधिक प्रतिशत की वृद्धि दी गई है। इस निर्णय से कर्मचारियों के बीच उत्साह का माहौल है और इसे उनके मेहनत और समर्पण का सम्मान माना जा रहा है।

संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने इस फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त देवघर, सिविल सर्जन देवघर तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के लंबे संघर्ष का परिणाम है और इससे स्वास्थ्य सेवाओं में लगे कर्मियों का मनोबल और अधिक बढ़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि अब अगला महत्वपूर्ण कदम बढ़े हुए मानदेय का एरियर सहित भुगतान सुनिश्चित करना है। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि चालू वित्तीय वर्ष में ही आदेश के अनुसार सभी कर्मचारियों को बकाया राशि के साथ भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिल सके।

गौरतलब है कि एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मचारी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। ये कर्मचारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी इन कर्मियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवा दी थी। बावजूद इसके, लंबे समय से ये कर्मचारी मानदेय वृद्धि और नियमित भुगतान जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे।

इस निर्णय के बाद उम्मीद की जा रही है कि न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने से वे और अधिक जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर पाएंगे।
स्थानीय स्तर पर भी इस फैसले की सराहना हो रही है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया है। उनका मानना है कि इस तरह के निर्णय भविष्य में भी कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगे।

कुल मिलाकर, देवघर जिले में एनएचएम कर्मियों के मानदेय में वृद्धि का यह निर्णय प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बढ़े हुए मानदेय का भुगतान कब तक किया जाता है और कर्मचारियों को एरियर का लाभ कब मिलता है।

