By: Vikash Mala Mandal
झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना, देवघर द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार पुलिस ने 13 साइबर अपराधियों और एक विधि-विवादित किशोर को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी ऑनलाइन ठगी के अलग-अलग तरीकों से आम लोगों को निशाना बना रहे थे।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में की गई। गुप्त सूचना के आधार पर सारठ थाना क्षेत्र के एक जंगल इलाके में छापेमारी की गई, जहां से इन अपराधियों को पकड़ा गया।

कैसे करते थे ठगी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी खुद को बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, बैंक या मोबाइल पेमेंट कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। वे गूगल पर फर्जी मोबाइल नंबर अपलोड कर देते थे, ताकि जरूरतमंद लोग उसी नंबर पर संपर्क करें और उनके झांसे में आ जाएं। इसके बाद ये अपराधी लोगों को विभिन्न बहानों से भ्रमित कर उनके बैंक डिटेल्स या OTP हासिल कर लेते थे।
ठगी के प्रमुख तरीके
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की कार्यशैली बेहद संगठित और तकनीकी रूप से उन्नत थी। वे निम्नलिखित तरीकों से ठगी करते थे:
1. फर्जी कस्टमर केयर नंबर:
आरोपी गूगल पर अपने मोबाइल नंबर को कस्टमर केयर के रूप में डालते थे। जब ग्राहक सहायता के लिए कॉल करता था, तो उसे झांसे में लेकर ठगी की जाती थी।

2. कैशबैक और गिफ्ट कार्ड का लालच:
खुद को PhonePe या Paytm का अधिकारी बताकर कैशबैक का लालच देते थे और फिर गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे रिडीम कर लेते थे।
3. बैंक और योजना के नाम पर ठगी:
आरोपी Airtel Payment Bank, SBI क्रेडिट कार्ड या प्रधानमंत्री किसान योजना के नाम पर लोगों को फर्जी लिंक भेजते थे। लिंक पर क्लिक करते ही लोगों की गोपनीय जानकारी उनके हाथ लग जाती थी।
4. मोबाइल ऐप के जरिए धोखाधड़ी:
Airtel Thanks जैसे ऐप के नाम पर लोगों को भ्रमित कर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे।

बरामद सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई अहम सामान भी बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
16 मोबाइल फोन
28 सिम कार्ड
इन उपकरणों का उपयोग साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस की रणनीति और सफलता
देवघर पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान का यह एक बड़ा परिणाम है। पुलिस का कहना है कि जिले में साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
इस कार्रवाई में साइबर थाना की टीम के साथ अन्य सुरक्षा बलों ने भी अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम जनता को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखा जा सके।

लोगों के लिए चेतावनी
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। विशेष रूप से बैंक, कस्टमर केयर या सरकारी योजना के नाम पर मांगी गई जानकारी साझा करने से बचें।
किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें
OTP, PIN या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें
केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही उपयोग करें

साइबर अपराध: बढ़ती चुनौती
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब साइबर ठग सक्रिय हो चुके हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
देवघर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के खिलाफ सख्ती को दर्शाती है, बल्कि आम जनता के लिए एक चेतावनी भी है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
देवघर में साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, 13 साइबर अपराधी गिरफ्तार। फर्जी कस्टमर केयर और बैंक अधिकारी बनकर करते थे ऑनलाइन ठगी, 16 मोबाइल और 28 सिम बरामद।

